मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त होने का स्वागत किया और पीएम मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की संवाद व समाधान की पहल की सराहना की।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक द्वारा अपना अनशन समाप्त किए जाने का स्वागत करते हुए इसे केंद्र सरकार की संवेदनशील और सकारात्मक पहल का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हस्तक्षेप और केंद्र सरकार के संवाद आधारित दृष्टिकोण ने इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि देर रात दिए गए आश्वासन और केंद्रीय मंत्रिमंडल स्तर पर इस विषय पर विचार करने की पहल से यह स्पष्ट होता है कि केंद्र सरकार मुद्दों के समाधान के लिए गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ काम कर रही है।
संवाद और सहमति से समाधान पर सरकार का जोर
सीएम सैनी ने कहा कि केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह की उपस्थिति में सोनम वांगचुक द्वारा अनशन समाप्त किया जाना इस बात का संकेत है कि केंद्र सरकार बातचीत और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से समाधान निकालने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य सभी पक्षों के साथ संवाद कायम रखते हुए प्रभावी और स्थायी समाधान सुनिश्चित करना है।
माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के संवेदनशील एवं निर्णायक हस्तक्षेप के बाद सोनम वांगचुक जी द्वारा अपना अनशन समाप्त किया जाना स्वागत योग्य है। देर रात दिए गए आश्वासन तथा केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस विषय पर प्रभावी निर्णय लेने की पहल, सरकार की गंभीरता और सकारात्मक… pic.twitter.com/pbuMIN8Phc
— Nayab Saini (@NayabSainiBJP) July 24, 2026
प्रभावी कानूनी व्यवस्था के लिए केंद्र सरकार प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार आवश्यक कानूनी व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल में प्रस्तावित मसौदे पर विचार के बाद इसे संसद में पेश किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि नई कानूनी व्यवस्था का उद्देश्य दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई, सख्त दंड और प्रभावी न्यायिक प्रक्रिया सुनिश्चित करना है, जिससे युवाओं और विद्यार्थियों का विश्वास और अधिक मजबूत हो सके।
युवाओं के हित सर्वोच्च प्राथमिकता
सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार युवाओं और विद्यार्थियों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था के जरिए देश की शिक्षा प्रणाली और न्यायिक प्रक्रिया दोनों को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का यह कदम लोकतांत्रिक मूल्यों, संवाद और जनहित के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।