हरियाणा के गुरुग्राम, जींद और कुरुक्षेत्र जिला अस्पतालों में PPP मॉडल से मशीनीकृत सफाई सेवाएं शुरू होंगी। इससे मरीजों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिलेगा।
हरियाणा सरकार प्रदेश के स्वास्थ्य संस्थानों में साफ-सफाई के स्तर को बेहतर बनाने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है। गुरुग्राम, जींद और कुरुक्षेत्र के जिला अस्पतालों में जल्द ही पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत मशीनीकृत सफाई और स्वच्छता सेवाएं शुरू की जाएंगी।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि इन अस्पतालों में आधुनिक तकनीक आधारित सफाई व्यवस्था लागू करने की योजना तैयार की गई है। इसके लिए हर साल करीब 3 से 3.5 करोड़ रुपये का खर्च अनुमानित है।
also read: सीएम नायब सिंह सैनी ने सिवानी में ‘खादी रोजगार उत्सव’ में…
अस्पतालों में बेहतर स्वच्छता मानकों पर जोर
डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य अस्पतालों के महत्वपूर्ण रोगी देखभाल क्षेत्रों में उच्च स्तर की स्वच्छता सुनिश्चित करना है। आधुनिक मशीनों के उपयोग से अस्पताल परिसर को अधिक सुरक्षित, साफ और मरीजों के अनुकूल बनाया जाएगा।
प्रदेश सरकार गुरुग्राम, जींद और कुरुक्षेत्र के जिला अस्पतालों में पीपीपी मोड के माध्यम से मशीनीकृत सफाई और स्वच्छता सेवाएं शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है। इन तीनों अस्पतालों में मशीनीकृत सफाई और स्वच्छता सेवाओं पर सालाना लगभग 3 से 3.5 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
“इस पहल का…
— DPR Haryana (@DiprHaryana) June 17, 2026
मरीजों और स्वास्थ्य कर्मियों को मिलेगा लाभ
नई व्यवस्था लागू होने से अस्पतालों में सफाई कार्य अधिक प्रभावी और व्यवस्थित तरीके से हो सकेगा। इससे मरीजों, उनके परिजनों और स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए बेहतर वातावरण तैयार होगा।
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में कदम
हरियाणा सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को आधुनिक बनाने और मरीजों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार नई पहल कर रही है। मशीनीकृत सफाई व्यवस्था इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।