गुजरात में पुलिस तैनाती और कानून-व्यवस्था को लेकर विवाद गहराया, AAP नेता चैत्रा वसावा ने भाजपा सरकार पर निजी कंपनियों के लिए पुलिस उपयोग का आरोप लगाया।
गुजरात में कानून-व्यवस्था और पुलिस संसाधनों के उपयोग को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। आम आदमी पार्टी की नेता चैत्रा वसावा ने राज्य की भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि पुलिस व्यवस्था का उपयोग जनता की सुरक्षा के बजाय निजी कंपनियों के हित में किया जा रहा है।
पुलिस के मूल कार्य पर सवाल
चैत्रा वसावा का कहना है कि पुलिस का मुख्य कार्य नागरिकों को सुरक्षा देना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है, लेकिन गुजरात में इसे कथित रूप से निजी कंपनियों की सुरक्षा में लगाया जा रहा है। उन्होंने इसे जनहित के खिलाफ बताते हुए व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
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पुलिस तैनाती को लेकर आरोप
आरोपों के अनुसार हाल ही में सामने आए आंकड़ों में दावा किया गया है कि राज्य में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को निजी क्षेत्र की बिजली कंपनियों की सुरक्षा के लिए तैनात किया गया है। इस पर विपक्ष का कहना है कि इससे आम जनता की सुरक्षा व्यवस्था पर असर पड़ सकता है।
गुजरात में कानून-व्यवस्था की परिभाषा ही बदल गई है। पुलिस का मुख्य काम कानून और व्यवस्था बनाए रखकर नागरिकों को सेवा, सुरक्षा और सलामती देना है। परंतु गुजरात की BJP सरकार और उनके 8 पास गृहमंत्री ने पुलिस को अडानी की बिजली कंपनियों का प्राइवेट सुरक्षा गार्ड बना दिया है।
भाजपा सरकार… pic.twitter.com/uNSurc4hL9— Chaitar Vasava AAP (@Chaitar_Vasava) June 12, 2026
राजस्व और नीति पर बहस
विवाद के बीच यह भी दावा किया गया है कि इस व्यवस्था से सरकार को वित्तीय लाभ हुआ है, लेकिन इसके बदले जनता की सुरक्षा से समझौता होने की आशंका जताई जा रही है। विपक्ष का आरोप है कि यह मॉडल सार्वजनिक सुरक्षा के बजाय कॉरपोरेट हितों को प्राथमिकता देता है।
सरकार की भूमिका पर सवाल
आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार को प्राथमिकता जनता की सुरक्षा को देनी चाहिए, न कि निजी कंपनियों को सुरक्षा संसाधन उपलब्ध कराने को। पार्टी का कहना है कि ऐसी नीतियां लोकतांत्रिक और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े करती हैं।