आम आदमी पार्टी नेता करण बरोट ने किसानों, छोटे उद्योगों और ट्रक ऑपरेटरों के लिए डीजल पर 200 लीटर सीमा हटाने की मांग की, नीति में बदलाव की अपील की।
आम आदमी पार्टी से जुड़े नेता करण बरोट ने सरकार से अपील की है कि किसानों, छोटे उद्योगों और ट्रक ऑपरेटरों के लिए डीजल पर लागू 200 लीटर की सीमा को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए। उन्होंने कहा कि यह पाबंदी जमीनी स्तर पर कई वर्गों के लिए कठिनाइयां पैदा कर रही है और इसे किसानों के हित में पुनर्विचार की आवश्यकता है।
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डीजल सीमा पर उठे सवाल
करण बरोट ने सवाल उठाया कि जब कृषि कार्यों में किसी प्रकार की सीमा नहीं होती, तो डीजल जैसे आवश्यक ईंधन पर 200 लीटर की सीमा क्यों लागू की गई है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था किसानों की जरूरतों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की वास्तविकता के अनुरूप नहीं है।
ખેડૂતો, નાના ઉદ્યોગો, ટ્રક ઓપરેટરોને 200 લીટર ની મર્યાદા નહીં, સરકાર તરફથી સંપૂર્ણ સુવિધા જોઈએ.
જ્યારે ખેતી અમર્યાદિત છે, તો ડીઝલ પર મર્યાદા કેમ?
સરકારે ખેડૂતોના હિતમાં પેટ્રોલ ડીઝલ પર મૂકવામાં આવેલ મર્યાદા પર પુનર્વિચાર કરવો જોઈએ.@khbarot pic.twitter.com/lGXh6sfZ3n
— AAP Gujarat (@AAPGujarat) June 12, 2026
किसानों और छोटे कारोबारियों पर असर
उन्होंने कहा कि डीजल सीमा के कारण खेती से जुड़े कार्य, परिवहन व्यवस्था और छोटे उद्योगों की गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। ट्रक ऑपरेटरों और ग्रामीण क्षेत्र के छोटे व्यापारियों पर भी इसका प्रत्यक्ष असर देखने को मिल रहा है, जिससे उनकी आर्थिक गतिविधियों में बाधा उत्पन्न हो रही है।
नीति में बदलाव की मांग
करण बरोट ने सरकार से आग्रह किया कि इस नीति पर गंभीरता से पुनर्विचार किया जाए और किसानों व आवश्यक सेवाओं से जुड़े क्षेत्रों के लिए डीजल और पेट्रोल पर लगी सीमा को समाप्त किया जाए, ताकि ईंधन की उपलब्धता निर्बाध बनी रहे और आर्थिक कार्य सुचारू रूप से चलते रहें।