आम आदमी पार्टी (AAP) ने आरोप लगाया है कि गुजरात में स्थानीय निकाय चुनावों के बीच उसके उम्मीदवारों पर नामांकन पत्र वापस लेने के लिए भारी राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा है। पार्टी ने कहा है कि इस पूरे मामले में प्रशासन और पुलिस तंत्र के कथित दुरुपयोग की गंभीर शिकायतें सामने आ रही हैं।
AAP नेता और प्रवक्ता डॉ. करण बारोट के अनुसार, सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) कथित रूप से प्रशासनिक तंत्र का उपयोग कर AAP उम्मीदवारों को चुनाव से हटने के लिए दबाव और डराने-धमकाने की रणनीति अपना रही है। उन्होंने दावा किया कि कई उम्मीदवारों को अप्रत्यक्ष रूप से दबाव में लाकर नामांकन वापस लेने के संकेत दिए जा रहे हैं।
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डॉ. बारोट ने यह जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर साझा करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है और विपक्षी उम्मीदवारों को स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने से रोका जा रहा है।
સમગ્ર ગુજરાતમાં ઠેર ઠેર આમ આદમી પાર્ટીના ઉમેદવારો ઉપર ફોર્મ પાછું ખેંચવા દબાણ ઊભું કરવામાં આવી રહ્યું છે.
ભાજપના હિસાબે પોલીસ તંત્ર અને અધિકારીઓ આપના ઉમેદવારોને ડરાવી ધમકાવીને ફોર્મ પાછું ખેંચાવવાના પ્રયાસ કરી રહ્યા છે.
આ બધા ઘટનાક્રમ વચ્ચે હવે ગુજરાતમાં ભાજપ અને કોંગ્રેસનું… pic.twitter.com/drXbmThQmz
— AAP Gujarat (@AAPGujarat) April 15, 2026
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह स्थिति गुजरात में निष्पक्ष चुनावी माहौल पर सवाल खड़े करती है और इससे सत्तारूढ़ दल के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है। इसी बीच AAP नेताओं ने यह भी दावा किया कि गुजरात में भाजपा–कांग्रेस के बीच कथित राजनीतिक समझ अब टूट चुकी है, जिससे राज्य की राजनीति में नए समीकरण और अस्थिरता की स्थिति बन रही है।
आम आदमी पार्टी ने चुनाव आयोग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा है कि सभी उम्मीदवारों को निष्पक्ष और सुरक्षित माहौल में चुनाव लड़ने का अधिकार मिलना चाहिए और किसी भी प्रकार के दबाव को रोका जाना चाहिए।
AAP ने स्पष्ट किया है कि पार्टी अपने उम्मीदवारों के साथ मजबूती से खड़ी है और किसी भी राजनीतिक या प्रशासनिक दबाव से पीछे नहीं हटेगी।