Saturday, April 18, 2026

डॉ. बलबीर सिंह ने VB-G RAM G योजना को महात्मा गांधी की ‘दूसरी हत्या’ करार दिया

by Neha
डॉ. बलबीर सिंह ने VB-G RAM G योजना को महात्मा गांधी की ‘दूसरी हत्या’ करार दिया

पंजाब के कैबिनेट मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने VB-G RAM G योजना को महात्मा गांधी की ‘दूसरी हत्या’ करार दिया। उन्होंने केंद्र सरकार पर गरीबों और किसानों के अधिकारों से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।

चंडीगढ़: पंजाब के कैबिनेट मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने मंगलवार को केंद्र सरकार की VB-G RAM G योजना (विक्षित भारत – रोजगार और आजीविका मिशन ग्रामीण) को एक छलपूर्ण योजना बताते हुए इसे महात्मा गांधी की ‘दूसरी हत्या’ करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार गारंटीशुदा रोजगार के सिद्धांतों को नष्ट करने और जनता को गुमराह करने का काम कर रही है।

केंद्र सरकार की रणनीति पर तीखा हमला

पंजाब विधानसभा के 16वें विशेष सत्र में डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “केंद्र सरकार की रणनीति है ‘मुंह में राम राम, बगल में छुरा’। वे गरीब कल्याण की बातें तो करते हैं, लेकिन उनकी नीतियां गरीबों की पीठ में छुरा घोंपने जैसी हैं।”

मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने योजना के नाम पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस योजना का भगवान राम से कोई संबंध नहीं है। उनका कहना था कि असली मर्यादा पुरुषोत्तम ने गरीबों के कल्याण के लिए काम किया था, जबकि यह योजना इसके बिल्कुल विपरीत है।

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मांग-आधारित मॉडल से आपूर्ति-आधारित मॉडल की ओर

डॉ. बलबीर सिंह ने विस्तार से बताया कि केंद्र सरकार ने मांग-आधारित मॉडल से आपूर्ति-आधारित मॉडल की ओर बढ़ते हुए ग्राम सभाओं को स्थानीय जरूरतों के अनुसार कार्य योजना बनाने और निधि आवंटन में स्वतंत्रता खो दी है।

पंजाब की उपेक्षा और धनराशि का भेदभाव

मंत्री ने पंजाब की जानबूझकर उपेक्षा पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पिछले ढाई-तीन वर्षों में पंजाब को सामग्री लागत नहीं मिली, जबकि बिहार जैसे चुनावी राज्यों को भारी धनराशि प्रदान की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि यह धनराशि केवल उन राज्यों को दी जा रही है जहां चुनाव होने वाले हैं।

ऐतिहासिक किसान आंदोलन की तरह जनविरोधी नीतियों का विरोध

अपने भाषण का समापन करते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि यह संघर्ष ऐतिहासिक किसान आंदोलन की तरह है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बीज विधेयक और विद्युत संशोधन बिल गरीबों और किसानों को और अधिक प्रभावित करेंगे, और जनता को इन जनविरोधी नीतियों के खिलाफ खड़ा होना होगा।

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