हाथों और पैरों में निरंतर Pain होना किस बीमारियों का संकेत हो सकता है, और इसके होने के कारण क्या हैं?

by editor
हाथों और पैरों में निरंतर Pain होना किस बीमारियों का संकेत हो सकता है, और इसके होने के कारण क्या हैं?

हाथों और पैरों में Pain कई बीमारियों का संकेत हो सकता है. अक्सर हम इसे ज्यादा काम या थकान का बहाना बनाकर नजरअंदाज कर देते हैं, या फिर घरेलू इलाज अपनाते हैं. लेकिन जब दर्द बढ़ जाता है, तो हम डॉक्टर से सलाह लेते हैं, तब तक समस्या गंभीर हो चुकी होती है.

बढ़ती उम्र में हाथ-पैरों में Pain आम बात हो सकती है, लेकिन बदलती जीवनशैली के कारण यह समस्या अब युवाओं में भी देखने को मिल रही है. अगर हाथों और पैरों में लगातार दर्द हो रहा है और वह असहनीय हो जाता है, तो यह कई बीमारियों के संकेत हो सकते हैं. इसे सामान्य समझकर घरेलू उपायों से नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. इस लेख में हम जानेंगे कि हाथ-पैरों में दर्द क्यों होता है और यह किन बीमारियों का संकेत हो सकता है.

आमतौर पर 50 वर्ष की उम्र के बाद हाथ-पैरों में Pain की समस्या शुरू होती है. लेकिन यदि यह समस्या इससे पहले ही दिखने लगे, तो आपको अपनी सेहत को लेकर सतर्क हो जाना चाहिए. हाथ-पैरों में दर्द कई गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकता है. इनमें कुछ बीमारियां सामान्य होती हैं, जबकि कुछ गंभीर होती हैं और कुछ तो जीवनभर बनी रहती हैं. इसलिए यदि हाथ, उंगली, टखना, एड़ी, टांग, या पैर के पंजे में दर्द हो, तो इसकी सही जांच करवाना जरूरी है.

हाथ-पैरों में दर्द होना कई बीमारियों का संकेत हो सकता है, जैसे डायबिटीज, गठिया, नसों से जुड़ी समस्याएं, रक्त प्रवाह में रुकावट या फिर शरीर में विटामिन की कमी. दर्द की असली वजह का पता जांच के बाद ही लगाया जा सकता है. यदि यूरिक एसिड का स्तर बढ़ जाए, तो यह हाथ-पैरों के छोटे जोड़ों में दर्द का कारण बनता है और समय पर इलाज न होने पर यह गठिया का रूप ले सकता है. वहीं, वेरीकोज वेन्स की स्थिति में पैरों में सूजन और तेज़ दर्द हो सकता है, जो किसी भी उम्र में हो सकता है. इसलिए जैसे ही दर्द शुरू हो, जांच करवा लेना जरूरी है ताकि समय रहते सही इलाज हो सके और समस्या गंभीर न बने।

हाथ-पैरों में दर्द होना कई बीमारियों का संकेत हो सकता है, जैसे डायबिटीज, गठिया, नसों से जुड़ी समस्याएं, रक्त प्रवाह में रुकावट या फिर शरीर में विटामिन की कमी. दर्द की असली वजह का पता जांच के बाद ही लगाया जा सकता है. यदि यूरिक एसिड का स्तर बढ़ जाए, तो यह हाथ-पैरों के छोटे जोड़ों में दर्द का कारण बनता है और समय पर इलाज न होने पर यह गठिया का रूप ले सकता है. वहीं, वेरीकोज वेन्स की स्थिति में पैरों में सूजन और तेज़ दर्द हो सकता है, जो किसी भी उम्र में हो सकता है. इसलिए जैसे ही दर्द शुरू हो, जांच करवा लेना जरूरी है ताकि समय रहते सही इलाज हो सके और समस्या गंभीर न बने।

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