अमेरिका के लिए क्यों महत्वपूर्ण है ग्रीनलैंड? जानें डोनाल्ड ट्रंप के बयान, आर्कटिक में रूस-चीन की गतिविधियों और ग्रीनलैंड की रणनीतिक, सैन्य और आर्थिक अहमियत।”
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा कि आर्कटिक क्षेत्र में रूस और चीन की बढ़ती गतिविधियों के चलते ग्रीनलैंड अमेरिका के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से ग्रीनलैंड की अहमियत दिन-ब-दिन बढ़ रही है। वर्तमान में यह क्षेत्र रूस और चीन के जहाजों से घिरा हुआ है।
वेनेजुएला पर हमले के बाद ग्रीनलैंड क्यों चर्चा में?
वेनेजुएला पर अमेरिकी कार्रवाई के कुछ ही घंटों बाद ग्रीनलैंड पर ध्यान केंद्रित हो गया। ट्रंप ने अपने बयान में ग्रीनलैंड को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक बताते हुए उसकी रणनीतिक स्थिति पर जोर दिया। ट्रंप पहले भी अपने कार्यकाल में ग्रीनलैंड को खरीदने का प्रस्ताव दे चुके हैं।
हालांकि, ग्रीनलैंड डेनमार्क का स्वायत्त क्षेत्र है। इसकी जनसंख्या लगभग 56,000 है और यह भौगोलिक रूप से उत्तरी अमेरिका का हिस्सा माना जाता है। ग्रीनलैंड आंतरिक मामलों में स्वशासित है, लेकिन विदेश नीति और सुरक्षा डेनमार्क के नियंत्रण में है। 2009 के स्वशासन अधिनियम के तहत ग्रीनलैंड को पूर्ण स्वतंत्रता प्राप्त करने का विकल्प है, जिसे जनमत संग्रह के जरिए चुना जा सकता है।
डेनमार्क की प्रतिक्रिया और चेतावनी
डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने ट्रंप को चेतावनी देते हुए कहा कि ग्रीनलैंड नाटो का हिस्सा है और यह डेनमार्क की सुरक्षा गारंटी के तहत आता है। डेनमार्क और अमेरिका के बीच पहले से ही रक्षा समझौता मौजूद है, जो अमेरिका को ग्रीनलैंड में कुछ विशेष अधिकार देता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि अमेरिका को सहयोगी देशों के खिलाफ धमकियां देना बंद करना चाहिए।
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ग्रीनलैंड की रणनीतिक और आर्थिक महत्वता
ग्रीनलैंड की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से मछली पकड़ने पर आधारित है, लेकिन हाल के वर्षों में अमेरिका इसकी प्राकृतिक संपदा—जैसे दुर्लभ पृथ्वी खनिज, यूरेनियम और लोहे—में रुचि दिखा रहा है।
वैश्विक तापमान बढ़ने के कारण ग्रीनलैंड की बर्फ पिघल रही है, जिससे नए जलमार्ग खुल रहे हैं और सैन्य दृष्टि से भी यह क्षेत्र अहम हो गया है। ट्रंप ने अपने बयान में इसे भी रेखांकित किया।
सैन्य महत्व और अमेरिकी हित
अमेरिका का ग्रीनलैंड में सुरक्षा हित लंबे समय से रहा है। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अमेरिका ने यहां सैन्य और रेडियो स्टेशन स्थापित किए थे। पिटुफिक स्पेस स्टेशन (पूर्व में थुले एयरबेस) आज भी अमेरिकी नियंत्रण में है। 1951 में डेनमार्क के साथ हुए रक्षा समझौते के तहत अमेरिका को क्षेत्र में सैन्य अड्डे स्थापित करने और संचालित करने का अधिकार प्राप्त है।
रॉयल डेनिश डिफेंस कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर मार्क जैकबसन के अनुसार, यदि रूस अमेरिका की ओर मिसाइल दागता है, तो उत्तरी ध्रुव और ग्रीनलैंड से गुजरने वाला मार्ग परमाणु हथियारों की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
आर्कटिक में चीन और रूस की गतिविधियां
आर्कटिक इंस्टीट्यूट के शोध पत्र के अनुसार, चीन और रूस ने हाल के वर्षों में आर्कटिक क्षेत्र में अपनी सैन्य क्षमता और उपस्थिति बढ़ाई है। ट्रंप ने अपने हालिया बयान में इसे रेखांकित करते हुए अमेरिका की रणनीतिक उपस्थिति बढ़ाने की आवश्यकता जताई।
ग्रीनलैंड आज भी सैन्य, आर्थिक और रणनीतिक दृष्टि से अमेरिका के लिए बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र बना हुआ है, और वैश्विक राजनीति में इसकी भूमिका लगातार बढ़ती जा रही है।