WhatsApp SIM बाइंडिंग के लिए नया फीचर ला रहा है। अब ऐप नियमित अंतराल पर चेक करेगा कि अकाउंट एक्टिव नंबर से लिंक है या नहीं, वरना हो सकता है रेस्ट्रिक्शन।
व्हाट्सऐप जल्द ही अपने भारतीय यूजर्स के लिए SIM बाइंडिंग से जुड़ा नया फीचर लॉन्च करने जा रही है। इस फीचर के माध्यम से ऐप नियमित अंतराल पर यह जांचेगा कि आपका WhatsApp अकाउंट एक एक्टिव मोबाइल नंबर से लिंक है या नहीं। यदि ऐप को लगे कि अकाउंट किसी सक्रिय सिम से जुड़ा नहीं है, तो उस अकाउंट को रेस्ट्रिक्ट किया जा सकता है। यह कदम सरकार द्वारा पिछले साल लागू किए गए सिम बाइंडिंग नियमों के अनुरूप है।
नया फीचर कैसे काम करेगा?
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह फीचर फिलहाल बीटा टेस्टिंग में है। लॉन्च के बाद यह बैकग्राउंड में सिम वैलिडेशन और सेशन रिन्यूअल पर नजर रखेगा। अभी व्हाट्सऐप केवल लॉग-इन के समय फोन नंबर वेरिफाई करता है, लेकिन यह नया फीचर नियमित अंतराल पर यह चेक करेगा कि अकाउंट सक्रिय सिम से जुड़ा है या नहीं।
-
हर बार यूजर सेशन रिन्यू होने पर 6 डिजिट का कोड एंटर करना पड़ सकता है।
-
अगर अकाउंट सिम वेरिफिकेशन पास नहीं कर पाएगा, तो उसे रेस्ट्रिक्ट किया जा सकता है।
-
माना जा रहा है कि इससे चैट हिस्ट्री या पेंडिंग मैसेज पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
also read: Realme P4 Lite भारत में लॉन्च: 6,300mAh बैटरी, 6.74-इंच…
केवल भारतीय यूजर्स के लिए
यह फीचर विशेष रूप से भारतीय नंबरों (+91) के लिए लागू होगा। सरकार ने मैसेजिंग ऐप्स जैसे WhatsApp, Telegram और Snapchat को सिम बाइंडिंग नियमों के तहत 90 दिनों के भीतर इसे लागू करने का निर्देश दिया था।
सिम बाइंडिंग क्या है?
सिम बाइंडिंग का मतलब है कि किसी भी मैसेजिंग ऐप को केवल उस डिवाइस पर एक्सेस किया जा सकता है, जिसमें वही सिम कार्ड है जिससे अकाउंट रजिस्टर्ड किया गया था। यदि सिम हटाई जाती है, इनएक्टिव हो जाती है, या कोई दूसरी सिम लगाई जाती है, तो ऐप यूजर को लॉग आउट कर देगा। इसका उद्देश्य फ्रॉड और सुरक्षा खतरे को कम करना है।