Retinoblastoma आंखों में होने वाला एक दुर्लभ प्रकार का कैंसर है, जो ज़्यादातर 3 साल से छोटे बच्चों में पाया जाता है और इसका मुख्य कारण आनुवंशिक होता है। यदि इसका समय पर पता चल जाए, तो इस बीमारी से पीड़ित सभी बच्चों का सफलतापूर्वक इलाज संभव है। अब इस कैंसर का इलाज अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में भी शुरू कर दिया गया है। पहले यह बीमारी विदेशों में ही अधिक देखी जाती थी, लेकिन अब भारत में भी इसके केस सामने आने लगे हैं। इस बीमारी के लक्षण क्या हैं और इलाज कैसे होता है,
आंखों में होने वाला कैंसर एक दुर्लभ रोग है, जिसे Retinoblastoma कहा जाता है। यह मुख्य रूप से एक आनुवंशिक बीमारी होती है और अधिकतर छोटे बच्चों को प्रभावित करती है। यदि इस बीमारी की समय रहते पहचान हो जाए, तो बच्चे का जीवन आसानी से बचाया जा सकता है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में अब इस रोग का इलाज शुरू कर दिया गया है। एम्स में जिन बच्चों में Retinoblastoma की जल्द पहचान हो गई थी, उनका इलाज पूरी तरह सफल रहा है। आखिर Retinoblastoma क्या है और यह क्यों होता है?
Retinoblastoma बचपन में होने वाला आंखों का एक दुर्लभ प्रकार का कैंसर है। हालांकि यह बीमारी कम ही देखने को मिलती है, लेकिन अच्छी बात यह है कि इसका इलाज काफी प्रभावी होता है और इसमें ठीक होने की संभावना भी बहुत ज्यादा होती है। यदि इसका निदान समय पर हो जाए, तो बच्चों को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।
Retinoblastoma तब होता है जब आंख के पीछे रेटिना में मौजूद कोशिकाएं अनियंत्रित तरीके से बढ़ने लगती हैं। यह कैंसर एक या दोनों आंखों में हो सकता है और अगर समय पर इलाज नहीं किया गया तो यह आंख के बाहर भी फैल सकता है। हालांकि इसके लक्षण जल्दी ही दिखने लगते हैं, लेकिन सही पहचान होने में अक्सर समय लग जाता है।
Retinoblastoma के शुरुआती लक्षणों में सबसे पहले आंख की पुतली का सफेद या हल्का रंग दिखना (ल्यूकोकोरिया) शामिल है, जो अक्सर तस्वीरों में रोशनी कम होने पर साफ नजर आता है। यह दुर्लभ बीमारी खासकर तीन साल से कम उम्र के बच्चों में पाई जाती है।
बच्चों को देखने में दिक्कत होती है, वे चलती वस्तुओं को ठीक से देख नहीं पाते। आंख की बनावट में बदलाव और दर्द भी हो सकता है, जिससे बच्चा चिड़चिड़ा हो सकता है और उसे सोने या दूध पीने में परेशानी हो सकती है। इसके अलावा, आंख का बड़ा या उभरा हुआ दिखना, आंख में खून या आसपास सूजन भी हो सकते हैं। ये लक्षण Retinoblastoma की शुरुआत में नजर आते हैं और इन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, बल्कि तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
एम्स दिल्ली में इस बीमारी का पूर्ण इलाज उपलब्ध है, जहां कई बच्चों का सफल उपचार हो चुका है। एम्स में Retinoblastoma का इलाज प्लाक ब्रेकीथेरेपी से किया जाता है, जो एक स्वदेशी तकनीक है और इसे भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र में विकसित किया गया है।
इस तकनीक के कारण निजी अस्पतालों में इलाज का खर्च करीब 30 फीसदी तक कम हो जाएगा। यह उपचार कैंसर प्रभावित आंख की रोशनी बचाने में भी मददगार साबित होता है।