अक्सर लोग बार-बार आने वाले Fever को मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यह लक्षण शरीर में किसी छिपी हुई या पुरानी बीमारी का संकेत हो सकता है। अगर हर कुछ दिनों में बुखार लौटकर आ रहा है, तो यह एक चेतावनी है कि शरीर में कुछ ठीक नहीं चल रहा है और समय रहते इस पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।
Fever का बार-बार आना क्यों है चिंता का कारण?
जब शरीर में कोई संक्रमण या इम्यून सिस्टम से जुड़ी परेशानी होती है, तो बुखार बार-बार आ सकता है। यह टाइफाइड, मलेरिया, डेंगू, टीबी, वायरल या बैक्टीरियल संक्रमण, ऑटोइम्यून रोग या कैंसर जैसी बीमारियों का संकेत हो सकता है।
(एसोसिएट प्रोफेसर, राजीव गांधी अस्पताल, दिल्ली) के अनुसार:
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टाइफाइड: सैल्मोनेला बैक्टीरिया से होने वाला यह संक्रमण दूषित भोजन या पानी से फैलता है। इसमें बैक्टीरिया शरीर में छिपा रह सकता है और समय-समय पर दोबारा सक्रिय होकर बुखार ला सकता है।
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मलेरिया: मच्छर जनित यह बीमारी हर 2-3 दिन के अंतराल में बुखार का चक्र दोहराती है, जिसमें कंपकंपी और पसीना आना भी शामिल है।
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डेंगू: तेज बुखार के बाद कुछ दिनों के अंतराल में दोबारा बुखार आने का पैटर्न डेंगू का संकेत हो सकता है। इसे “Saw-Tooth Fever” भी कहा जाता है।
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टीबी: फेफड़ों की टीबी में शाम को हल्का बुखार, वजन घटना और रात में पसीना आना आम लक्षण हैं।
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पुराने वायरल या बैक्टीरियल संक्रमण: नाक, गले या आंतों में बार-बार संक्रमण भी बुखार को बार-बार ला सकता है, खासकर मानसून में।
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ऑटोइम्यून बीमारियां: लूपस और रूमेटाइड आर्थराइटिस जैसी बीमारियों में शरीर खुद के टिशूज पर हमला करता है, जिससे सूजन और बार-बार बुखार हो सकता है।
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कैंसर (जैसे ल्यूकेमिया): इसमें शरीर की इम्यून प्रतिक्रिया गड़बड़ हो जाती है और बिना किसी स्पष्ट कारण के बार-बार बुखार, कमजोरी और थकान महसूस हो सकती है।
कब जाएं डॉक्टर के पास?
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जब हर 4-5 दिन में बुखार लौटे।
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बुखार के साथ वजन घट रहा हो, पसीना आ रहा हो या कमजोरी हो।
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जब बुखार घरेलू उपाय या दवा से ठीक न हो रहा हो।
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अगर बुखार के साथ खांसी, पेट दर्द, त्वचा पर रैशेज़ या पीलिया जैसे लक्षण दिखें।
बार-बार आने वाला Fever एक संकेत है कि शरीर में कोई गंभीर स्थिति जन्म ले रही है। इसे हल्के में न लें और सही जांच कराकर समय पर इलाज करवाएं।