महिलाओं में बढ़ता obesity किन बीमारियों का कारण बन सकता है और इससे बचाव कैसे किया जाए?

by editor
महिलाओं में बढ़ता obesity किन बीमारियों का कारण बन सकता है और इससे बचाव कैसे किया जाए?

आज के समय में महिलाओं में obesity की समस्या तेजी से बढ़ रही है। बढ़ता वजन न केवल उनके आत्मविश्वास को प्रभावित करता है, बल्कि कई गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ा सकता है। बदलती जीवनशैली, असंतुलित आहार और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण यह समस्या और अधिक गंभीर होती जा रही है। ऐसे में यह समझना जरूरी हो जाता है कि obesity किन बीमारियों का जोखिम बढ़ा सकता है।

आजकल महिलाओं में obesity की समस्या तेजी से बढ़ रही है, जिसका मुख्य कारण अस्वास्थ्यकर जीवनशैली और गलत खानपान है। इससे शरीर में अतिरिक्त कैलोरी जमा होने लगती है, जिससे वजन बढ़ता है। कई बार महिलाएं अपने स्वास्थ्य पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे पातीं, जिससे उनका मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है और शरीर में चर्बी तेजी से बढ़ने लगती है। यह कई स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकता है। obesity बढ़ने के पीछे अन्य कई कारण भी जिम्मेदार हो सकते हैं।

obesity केवल अधिक खाने से नहीं बढ़ता, बल्कि इसके पीछे कई अन्य कारण भी हो सकते हैं। आनुवंशिकता एक महत्वपूर्ण कारक है—यदि परिवार में पहले किसी को obesity की समस्या रही हो, तो अगली पीढ़ी में भी इसका जोखिम बढ़ सकता है। शारीरिक गतिविधि की कमी भी वजन बढ़ाने में सहायक होती है। कुछ दवाइयों, जैसे एंटीडिप्रेसेंट और हॉर्मोनल दवाओं के साइड इफेक्ट के रूप में भी वजन बढ़ सकता है। अनियमित खानपान, जैसे ज्यादा जंक फूड, तली-भुनी चीजें और अधिक मीठे का सेवन, obesity को बढ़ावा देता है।

महिलाओं में पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) एक आम समस्या है, जिससे हॉर्मोनल असंतुलन होता है और वजन बढ़ सकता है। इसके अलावा, नींद की कमी और तनाव भी मोटापे के प्रमुख कारणों में शामिल हैं। ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि बढ़ते वजन से किन बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।

बढ़ता obesity और स्वास्थ्य जोखिम

अधिक वजन कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर को बढ़ा सकता है, जिससे हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। obesity डायबिटीज का भी एक प्रमुख कारण हो सकता है—जब शरीर में अधिक चर्बी जमा हो जाती है, तो इंसुलिन हॉर्मोन सही तरीके से काम नहीं करता, जिससे ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है। इसके अलावा, मोटापे के कारण जोड़ों पर अधिक भार पड़ता है, जिससे गठिया और घुटनों के दर्द जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

महिलाओं में बढ़ते obesity से हॉर्मोनल असंतुलन हो सकता है, जिससे मासिक धर्म अनियमित होने के साथ-साथ गर्भधारण में कठिनाइयाँ आ सकती हैं। यह थायरॉइड की समस्या को भी बढ़ावा दे सकता है। इसके अलावा, obesity कुछ गंभीर बीमारियों, जैसे ब्रेस्ट और यूटेरस कैंसर के खतरे को भी बढ़ा सकता है। आइए जानते हैं इससे बचाव के उपाय।

मोटापे से बचाव के उपाय

  • रोजाना कम से कम 30 मिनट शारीरिक गतिविधि करें।
  • फाइबर और प्रोटीन से भरपूर, कम वसा वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करें।
  • प्रतिदिन 7-8 घंटे की पूरी नींद लें।
  • तनाव कम करने के लिए योग और ध्यान (मेडिटेशन) अपनाएँ।
  • दिनभर में कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएँ।

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