पीपल के वृक्ष में पितरों का निवास किस समय माना जाता है?

पितृ पक्ष के समय पीपल के वृक्ष में पितरों का वास होता है। 

पीपल के वृक्ष में पितरों का वास की अवधि भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी से आरंभ होकर आश्विन माह की कृष्ण पक्ष अमावस्या तक मानी जाती है।

इस वर्ष पितृ पक्ष 7 सितंबर से प्रारंभ होकर 21 सितंबर तक चलेगा। 

यह अवधि पितरों की आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए सबसे मंगलकारी मानी जाती है।

पितृ पक्ष में पूर्वजों की आत्मा की शांति हेतु पीपल के वृक्ष की पूजा करना, उसे जल चढ़ाना और दीप प्रज्वलित करना परंपरा का हिस्सा माना जाता है।

पितृ पक्ष , पितर धरती पर आकर पीपल के वृक्ष में निवास करते हैं। इस अवधि में पीपल की पूजा करना पितरों की आत्मा की मुक्ति का उपाय समझा जाता है।