Watery Eyes Problem: आंखों से लगातार पानी आना सामान्य बात नहीं है। यह कभी हल्की समस्या के रूप में दिखती है तो कभी इतनी गंभीर हो जाती है कि आंखें खोलना भी मुश्किल हो जाता है। ठंडी हवा, धूल, धुआं या लंबे समय तक स्क्रीन देखने जैसी स्थितियां इसका कारण बन सकती हैं। वहीं, संक्रमण, एलर्जी या उम्र बढ़ने पर आंसू नलिकाओं की कमजोरी से भी यह समस्या और बढ़ जाती है। कई बार यह किसी गंभीर नेत्र रोग का संकेत भी हो सकता है।
किन बीमारियों से जुड़ा हो सकता है?
Watery Eyes Issue: आंखों से पानी आने का सबसे आम कारण कंजक्टिवाइटिस (आंखों का संक्रमण) है। इसमें लालिमा, सूजन और पस आना शामिल है। इसके अलावा ड्राई आई सिंड्रोम में भी आंखें सूखने लगती हैं और उनकी नमी बनाए रखने के लिए आंसू ज्यादा निकलते हैं।
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एलर्जिक कंजक्टिवाइटिस में धूल, धुआं या पालतू जानवरों से एलर्जी के कारण आंसू बहते रहते हैं।
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ग्लॉकोमा (काला मोतिया), कॉर्नियल इंफेक्शन या आंसू नलिका ब्लॉकेज भी इसका कारण हो सकते हैं।
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बच्चों में जन्म से आंसू नलिका बंद होने पर यह समस्या देखी जाती है।
बचाव के तरीके
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धूल-मिट्टी और धुएं से आंखों को बचाएं।
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स्क्रीन पर काम करते समय नियमित ब्रेक लें।
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आंखों को रगड़ने से बचें और साफ पानी से धोते रहें।
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एलर्जी या संक्रमण होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
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बाहर जाते समय सनग्लास का इस्तेमाल करें।