उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 10 फरवरी से शुरू करेंगी ‘एकल महिला स्वरोजगार योजना’। योजना में महिलाओं को स्वरोजगार के लिए 50-75% अनुदान मिलेगा, जिससे वे आत्मनिर्भर बनेंगी।
उत्तराखंड सरकार ने एकल महिला स्वरोजगार योजना के तहत राज्य की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। योजना का शुभारंभ 10 फरवरी 2026 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी देहरादून से करेंगी।
योजना का उद्देश्य और लाभ
इस योजना का मुख्य उद्देश्य एकल महिलाओं को स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना है। सरकार के अनुसार, योजना के तहत परियोजना लागत पर 50 से 75 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा, जिससे महिलाओं को केवल 25 प्रतिशत की हिस्सेदारी ही देनी होगी।
योजना के पात्र
उत्तराखंड में यह योजना अविवाहित, तलाकशुदा, विधवा, परित्यक्ता, निराश्रित, ट्रांसजेंडर, एसिड और अपराध पीड़ित महिलाएं लाभान्वित कर सकती हैं। योजना के लिए आवश्यक शर्तें इस प्रकार हैं:
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आयु 21 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए
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वार्षिक आय ₹72,000 से अधिक नहीं होनी चाहिए
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चयनित महिलाओं की संख्या और जिलेवार विवरण
शुरुआत में योजना का लक्ष्य दो हजार महिलाओं को लाभान्वित करना रखा गया था। विभिन्न जिलों से प्राप्त आवेदनों के आधार पर अब तक 484 महिलाओं का चयन किया गया है। इसमें जिलावार विवरण इस प्रकार है:
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देहरादून: 191 महिलाएं
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नैनीताल: 75 महिलाएं
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पौड़ी गढ़वाल: 66 महिलाएं
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बागेश्वर: 42 महिलाएं
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टिहरी गढ़वाल: 23 महिलाएं
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ऊधमसिंह नगर: 87 महिलाएं
स्वरोजगार के लिए अनुदान और सुविधा
इस योजना में महिलाओं को डेढ़ लाख रुपये तक अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा। यह कदम महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस योजना के माध्यम से यह स्पष्ट किया कि राज्य सरकार महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए प्रतिबद्ध है।