उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) के कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की गई है। लखनपुर स्थित यूपीसीडा के मुख्यालय में बृहस्पतिवार को अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार की अध्यक्षता में हुई 49वीं बोर्ड बैठक में कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा को मंजूरी दी गई। इस फैसले से यूपीसीडा के 900 नियमित कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी लाभ मिलेगा।
कैशलेस इलाज: 900 कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
अब यूपीसीडा के नियमित कर्मचारियों के साथ-साथ सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए कैशलेस इलाज की सुविधा मिल सकेगी। यह फैसला लंबे समय से लंबित था और अब इसे मंजूरी मिल गई है। रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए इस सुविधा की अधिकतम सीमा 2 लाख रुपये तय की गई है, जिससे कर्मचारियों को आकस्मिक परिस्थितियों में इलाज के लिए जेब से भुगतान नहीं करना पड़ेगा।
लीडा क्षेत्र का विकास और नए औद्योगिक क्षेत्र
बैठक में लीडा (लखनऊ-उन्नाव) क्षेत्र के विकास के लिए भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इसके लिए एक विशेष टीम गठित की गई है जो आधारभूत सुविधाओं के विकास की जिम्मेदारी संभालेगी। लीडा मास्टर प्लान का क्षेत्रफल 30,767 हेक्टेयर है और इसमें 85 गांवों को अधिसूचित किया गया है। यह क्षेत्र लखनऊ और उन्नाव के बीच स्थित है और इसके विकास से औद्योगिक और वाणिज्यिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
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इसके अलावा, नए औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना को लेकर भी चर्चा की गई। लखीमपुर खीरी में भूमि क्रय दरों को अनुमोदित किया गया और गाजियाबाद के निवाड़ी क्षेत्र में निजी भूमि क्रय दरों पर विचार किया गया। अमौसी में उत्तर प्रदेश ड्रग्स एंड फार्मास्यूटिकल्स की भूमि पुनः खरीदने का प्रस्ताव भी मंजूरी प्राप्त कर चुका है।
ई-नीलामी प्रक्रिया में बदलाव और आउटसोर्सिंग
बैठक में औद्योगिक और ग्रुप हाउसिंग भूखंडों की ई-नीलामी प्रक्रिया में आंशिक बदलाव को भी स्वीकृति दी गई। इसके साथ ही, कर्मचारियों के लिए सेवाप्रदाता एजेंसी से आउटसोर्सिंग की मंजूरी भी दी गई, जो भारत सरकार के जेम पोर्टल के माध्यम से होगी। इसके तहत, सहायक प्रबंधक और प्रबंधक स्तर पर नियुक्तियां की जाएंगी।
यूपीएसआरटीसी और कन्सेशन राइट्स
इसके अतिरिक्त, यूपीएसआरटीसी बस स्टेशनों के कन्सेशन राइट्स को भी मंजूरी दी गई, जो सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को और सशक्त बनाएंगे। ग्रुप हाउसिंग भूखंडों के एकमुश्त भुगतान की शर्तों को भी स्वीकृति मिल गई है, जिससे इन परियोजनाओं को सुचारु रूप से संचालित किया जा सकेगा।