योगी सरकार का बड़ा कदम – स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए सुधार

योगी सरकार का बड़ा कदम – स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए सुधार

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए आयुष्मान भारत योजना के तहत अस्पतालों को 30 दिन में भुगतान और क्लेम निस्तारण की प्रक्रिया तेज की। गरीब मरीजों को समय पर इलाज सुनिश्चित।

योगी सरकार गरीब और जरूरतमंद लोगों को बेहतर और समय पर इलाज मुहैया कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत मरीजों को कैशलेस इलाज की सुविधा दी जा रही है। इसके साथ ही योजना से जुड़े अस्पतालों को समय पर भुगतान कर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि इलाज में किसी प्रकार की देरी या लापरवाही न हो।

अस्पतालों को 30 दिन के भीतर भुगतान का निर्देश

योगी सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आयुष्मान योजना के तहत इलाज करने वाले अस्पतालों को 30 दिन के अंदर भुगतान किया जाए। पिछले एक साल में इस दिशा में बड़े सुधार देखे गए हैं। समय पर भुगतान मिलने से अस्पताल भी बिना झिझक के आयुष्मान कार्डधारकों का इलाज कर रहे हैं।

क्लेम पेंडेंसी में बड़ी कमी

स्टेट एजेंसी फॉर कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज (SACHIJS) की सीईओ अर्चना वर्मा के अनुसार, जनवरी 2025 में क्लेम पेंडेंसी 10.75 लाख तक पहुँच गई थी, जबकि दिसंबर 2025 तक इसे 3 लाख तक घटा दिया गया है। बचे हुए क्लेम को भी जल्द निपटाने की तैयारी की जा रही है।

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पुराने और नए क्लेम का समय पर निस्तारण

प्रदेश में प्रतिमाह औसतन 2 लाख से अधिक क्लेम अस्पतालों से आते हैं। इतनी बड़ी संख्या के बावजूद सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि पुराने लंबित क्लेम और नए क्लेम दोनों का समय पर निस्तारण हो। इसका मुख्य उद्देश्य है कि किसी भी मरीज के इलाज में देरी न हो।

मेडिकल ऑडिट और क्लेम प्रोसेसिंग को मजबूत किया गया

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर क्लेम जांच प्रक्रिया को तेज किया गया है। मेडिकल ऑडिटर्स की संख्या 40 से बढ़ाकर 130 की गई है। साथ ही, क्लेम प्रोसेसिंग डेस्क की संख्या 100 से बढ़ाकर 125 की गई, जिससे भुगतान और जांच की प्रक्रिया और तेज हुई।

एक साल में 4,649 करोड़ रुपये का भुगतान

जनवरी 2025 से दिसंबर 2025 के बीच आयुष्मान योजना के तहत प्रदेश के सरकारी और निजी अस्पतालों को कुल 4,649 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। यह दिखाता है कि सरकार मरीजों के साथ-साथ अस्पतालों के आर्थिक हितों का भी पूरा ध्यान रख रही है।

गरीब और जरूरतमंद मरीजों को मिला बड़ा लाभ

क्लेम पेंडेंसी में कमी, समय पर भुगतान और मजबूत जांच प्रक्रिया से अस्पतालों का भरोसा बढ़ा है। इसका सीधा फायदा गरीब और जरूरतमंद मरीजों को मिल रहा है। अब उन्हें इलाज के लिए कर्ज लेने या संपत्ति बेचने की जरूरत नहीं पड़ रही।

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