मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संभल जिले के 68 तीर्थ और 19 कूपों के पुनरुद्धार और जिले के समग्र विकास के लिए अधिकारियों को दिए निर्देश। महिष्मती नदी पुनरुद्धार, सड़क निर्माण, म्यूजियम और नगर विकास पर तेजी लाने का आदेश।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संभल जिले के विकास और प्राचीन तीर्थों व कूपों के संरक्षण को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने रविवार को संभल में समीक्षा बैठक के दौरान कहा कि जिले में 68 तीर्थ स्थल और 19 कूप हैं। सरकार इन प्राचीन स्थलों के जीर्णोद्धार और पहचान को सुनिश्चित करने के लिए तेजी से काम कर रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थानीय प्रशासन को इन कार्यों की गति बढ़ाने का निर्देश दिया और कहा कि पहले चरण में तीर्थों व कूपों का पुनरुद्धार, जबकि दूसरे चरण में म्यूजियम, लाइट एंड साउंड जैसे विकास कार्यों पर फोकस किया जाए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद न्यायालय, कारागार और पीएसी की स्थापना के लिए भूमि अधिग्रहण और निर्माण कार्य में तेजी लाने के आदेश भी दिए। उन्होंने यह भी कहा कि इंटीग्रेटेड कॉम्प्लेक्स भवन में सभी विभागों के कार्यालय हों और आवासीय व अनावासीय भवनों के लिए 93% भूमि अधिग्रहण पहले ही पूरा किया जा चुका है।
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सड़क निर्माण, सार्वजनिक सुविधाओं में वृद्धि और तीर्थ स्थलों के समीप भूमि अधिग्रहण पर भी जोर दिया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिष्मती नदी के पुनरुद्धार और नमामि गंगे परियोजना के तहत नदियों के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान देने को कहा।
इसके अलावा, सीएम योगी ने नगर विकास विभाग की वंदन योजना, वैश्विक नगरोदय योजना, अंत्येष्टि स्थल विकास योजना, नगरीय जल विकास योजना, झील-तालाब योजनाओं और पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर विकास योजना के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने सीबीजी प्लांट के निर्माण की प्रक्रिया में भी तेजी लाने का आदेश दिया।
इस बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि संभल का समग्र विकास सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए सभी चरणबद्ध विकास कार्य तेजी से पूरे किए जाएं।