जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में उत्तर प्रदेश और हेसेन राज्य के बीच एक महत्वपूर्ण निवेश बैठक आयोजित की गई। यह बैठक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों राज्यों के बीच निवेश बढ़ाना और औद्योगिक, तकनीकी तथा आर्थिक सहयोग को मजबूत करना था।
निवेशक-अनुकूल नीति और प्रमुख क्षेत्रों पर चर्चा
बैठक में उत्तर प्रदेश की निवेशक-अनुकूल एफडीआई नीति को विस्तार से प्रस्तुत किया गया। इस दौरान मेडिकल डिवाइस, वस्त्र उद्योग, चमड़ा, फुटवियर, सेमीकंडक्टर, रक्षा निर्माण, आईटी और आईटीईएस जैसे क्षेत्रों में निवेश के अवसरों पर विशेष चर्चा हुई।
साथ ही 660 मेगावाट से अधिक क्षमता वाले डेटा सेंटर और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) के विकास पर भी जानकारी साझा की गई। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि उत्तर प्रदेश तेजी से औद्योगिक विकास की दिशा में अग्रसर है और निवेशकों के लिए आकर्षक अवसर प्रदान कर रहा है।
also read: उत्तर प्रदेश: फ्रैंकफर्ट में यूपी-हेसेन बैठक, निवेश और…
हेसेन राज्य की वैश्विक विशेषज्ञता पर चर्चा
बैठक में हेसेन राज्य की वित्त, रसायन, स्वास्थ्य सेवा, कृषि और लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों में वैश्विक विशेषज्ञता को रेखांकित किया गया। दोनों पक्षों ने इन क्षेत्रों में मिलकर काम करने और साझा परियोजनाओं को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर सकारात्मक रुख दिखाया।
दीर्घकालिक सहयोग पर सहमति
बैठक के अंत में दोनों राज्यों ने विशेषज्ञ स्तर पर नियमित संवाद जारी रखने और भविष्य में साझा परियोजनाओं व निवेश समझौतों पर सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।
फ्रैंकफर्ट में हुई यह बैठक उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश मानचित्र पर मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे राज्य में औद्योगिक, तकनीकी और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी और दोनों राज्यों के बीच दीर्घकालिक साझेदारी के नए अवसर खुलेंगे।