दिल्ली में घर बनाने के लिए इन नियमों का करना होगा पालन ,तभी मिलेगी DPCC की अनुमति।

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दिल्ली में घर बनाने के लिए इन नियमों का करना होगा पालन ,तभी मिलेगी DPCC की अनुमति।

दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) ने राजधानी में बढ़ते प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए 500 वर्ग मीटर से बड़े सभी निर्माण और विध्वंस कार्यों पर नए दिशा-निर्देश लागू किए हैं। अब निर्माण से पहले DPCC के डस्ट कंट्रोल पोर्टल पर पंजीकरण जरूरी होगा। पंजीकरण के बिना MCD, NDMC और DDA किसी भी भवन योजना को मंजूरी नहीं देंगे। इन नए नियमों में 14-बिंदुओं वाले डस्ट कंट्रोल गाइडलाइंस का पालन, PM2.5 और PM10 सेंसर की स्थापना, 360 डिग्री कैमरे लगाना और नियमित रूप से सेल्फ-डिक्लेरेशन देना अनिवार्य होगा। नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को काबू में रखने के लिए दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) ने निर्माण और ध्वस्तीकरण (C&D) कार्यों को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं। नए नियमों के अनुसार, अब 500 वर्ग मीटर या उससे बड़े क्षेत्र में किसी भी निर्माण कार्य की शुरुआत से पहले DPCC के डस्ट कंट्रोल पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होगा।

यह पहल दिल्ली की वायु गुणवत्ता को नुकसान पहुंचाने वाले सूक्ष्म कणों, जैसे पीएम2.5 और पीएम10, को नियंत्रित करने के उद्देश्य से की गई है।

DPCC ने स्पष्ट किया है कि पंजीकरण प्रक्रिया पूरी होने तक MCD, NDMC और DCB जैसी नगर निकाय संस्थाएं किसी भी भवन योजना को मंजूरी नहीं देंगी। इसके लिए एक विशेष पोर्टल https://dustcontrol.dpcc.delhi.gov.in बनाया गया है, जहां इच्छुक व्यक्ति या एजेंसियां अपने निर्माण या ध्वस्तीकरण कार्य से जुड़ी जानकारी दर्ज कर सकते हैं।

दिशानिर्देशों का पालन अब जरूरी

DPCC ने दिल्ली के सभी नगर निकायों को सख्त निर्देश दिए हैं कि भवन योजना की स्वीकृति प्रक्रिया में डस्ट कंट्रोल पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए।

इसके साथ ही, 14-बिंदुओं वाले डस्ट नियंत्रण निर्देशों को भी प्रत्येक भवन स्वीकृति में जोड़ा जाएगा। इन नियमों में निर्माण स्थलों पर पानी का छिड़काव, ट्रकों को ढकना, निर्माण सामग्री को ढककर रखना और पूरे स्थल की घेराबंदी जैसे प्रावधान शामिल हैं। अब हर निर्माण स्थल पर DPCC पंजीकरण आईडी के साथ एक डिस्प्ले बोर्ड लगाना भी जरूरी कर दिया गया है, ताकि निरीक्षण टीम और आम लोग परियोजना की निगरानी कर सकें।

साइट पर निगरानी उपकरण और खुद का मूल्यांकन भी जरूरी

DPCC ने यह भी निर्देश दिया है कि हर निर्माण स्थल पर पीएम2.5 और पीएम10 की निगरानी के लिए सेंसर, 360 डिग्री कैमरे और हर 15 दिन में सेल्फ-डिक्लेयरेशन की व्यवस्था होनी चाहिए। इन मानकों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

DPCC चेयरमैन संजीव कुमार ने MCD और अन्य एजेंसियों को निर्देशित किया है कि वे इन आदेशों के क्रियान्वयन की रिपोर्ट शीघ्र भेजें। उन्होंने इसे दिल्ली में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए एक निर्णायक कदम बताया है।

नगर निकायों के लिए DPCC के निर्देश संक्षेप में:

  • 500 वर्ग मीटर या उससे अधिक के सभी निर्माण/ध्वस्तीकरण कार्यों के लिए DPCC पोर्टल (https://dustcontrol.dpcc.delhi.gov.in) पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य।

  • भवन योजना आवेदन प्रक्रिया में पोर्टल पंजीकरण को शामिल किया जाए।

  • MCD की अनुमोदन प्रणाली को DPCC पोर्टल से API के माध्यम से जोड़ा जाए।

  • सभी भवन मंजूरियों में 14-बिंदुओं वाले डस्ट नियंत्रण दिशा-निर्देशों को जोड़ा जाए।

  • निर्माण स्थल पर DPCC रजिस्ट्रेशन ID के साथ डिस्प्ले बोर्ड लगाना अनिवार्य हो।

  • PM2.5 और PM10 सेंसर, 360° कैमरे और प्रत्येक पंद्रह दिन में सेल्फ-डिक्लेयरेशन की व्यवस्था की जाए।

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