TMKOC : ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ बीते 17 सालों से टीआरपी चार्ट के टॉप 10 शोज़ में बना हुआ है।
TMKOC : – ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ भारतीय टेलीविजन के सबसे लंबे समय तक चलने वाले कॉमेडी शोज़ में से एक है।हाल ही में टप्पू और सोनू की शादी का ट्रैक इसे एक बार फिर चर्चा में ले आया। सिर्फ यही नहीं, बल्कि शो में कई ऐसे मजेदार ट्रैक आए हैं, जिन्होंने इसे जबरदस्त टीआरपी दिलाने में अहम भूमिका निभाई है।
गोकुलधाम सोसाइटी में सोढ़ी के चाचाजी की एंट्री शो के सबसे दिलचस्प मोमेंट्स में से एक रही। शुरुआत में उन्होंने सोसाइटी में विभिन्न जातियों और धर्मों के लोगों को एक साथ रहते देखा और अपनी परंपरा और भाषा की प्रशंसा की। लेकिन धीरे-धीरे, उन्होंने सभी की परंपराओं और रीति-रिवाजों का सम्मान करना सीखा। ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में इस सफर को बेहद मनोरंजक तरीके से दिखाया गया था।
टप्पू का बाल विवाह
‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ के शुरुआती एपिसोड्स में दिखाया गया टप्पू के बाल विवाह का ट्रैक आज भी दर्शकों को याद है। इस कहानी को दर्शकों ने खूब पसंद किया था। इसमें दिखाया गया था कि जेठालाल एक सपना देखता है, जिसमें टप्पू का बाल विवाह हो रहा है। इसके बाद वह इस शादी को रोकने के लिए कई प्रयास करता है। शो ने इस मजेदार ट्रैक के जरिए समाज में लंबे समय से चली आ रही इस प्रथा पर सवाल उठाए और एक महत्वपूर्ण संदेश भी दिया।
गोकुलधाम में पानी संकट
‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ की खासियत हमेशा से ही रोजमर्रा की समस्याओं को हास्यपूर्ण तरीके से पेश करना रही है। पानी की कटौती वाले ट्रैक में यह दिखाया गया कि किस तरह गोकुलधाम सोसाइटी के लोग एक-दूसरे पर ताने कसते हैं, लेकिन मुश्किल वक्त में एक-दूसरे की मदद करने से भी पीछे नहीं हटते। इस दिलचस्प कहानी को दर्शकों ने खूब पसंद किया और इस ट्रैक ने शो की टीआरपी में भी इजाफा किया।
भिड़े की 1 करोड़ की लॉटरी
गोकुलधाम सोसाइटी के सख्त अनुशासन वाले और सिद्धांतवादी सेक्रेटरी आत्माराम तुकाराम भिड़े आमतौर पर ईमानदारी और आदर्शों का पालन करने के लिए जाने जाते हैं। लेकिन इस खास ट्रैक में उन्हें लॉटरी के जाल और पैसों के लालच में उलझते हुए दिखाया गया, जिससे दर्शकों को भरपूर मनोरंजन मिला।
गोकुलधाम में भूतनी का डर
‘भूतनी’ वाले ट्रैक की शुरुआत जेठालाल और बापूजी से होती है, जिन्हें सोसाइटी में एक रहस्यमयी परछाई नजर आती है। इस अजीब घटना से गोकुलधाम में हड़कंप मच जाता है। पूरे माहौल में सस्पेंस बना रहता है, लेकिन आखिर में टप्पू सेना इस रहस्य से पर्दा उठाती है, जिससे सारा मामला साफ हो जाता है।