DELHI में मुख्यमंत्री पद के चेहरे से भी बड़ा राजनीतिक संदेश देने की योजना, शपथ ग्रहण समारोह में होगा शक्ति प्रदर्शन।
कई चरणों की बैठकों और चुनिंदा विधायकों से मुलाकात के बाद, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने गृह मंत्री अमित शाह के साथ मंगलवार देर रात दूसरी बार लंबी बैठक की। इस बैठक में सरकार के गठन के साथ-साथ शपथ ग्रहण समारोह पर भी विचार-विमर्श हुआ।
भाजपा ने राष्ट्रीय राजधानी में नई सरकार के गठन की योजना तैयार कर ली है। कई चरणों की बैठकों और चुनिंदा विधायकों से चर्चा के बाद, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने गृह मंत्री अमित शाह के साथ मंगलवार देर रात दूसरी बार विस्तृत बैठक की। इस बैठक में सरकार के गठन के साथ-साथ शपथ ग्रहण समारोह पर भी विचार-विमर्श किया गया।
मुख्यमंत्री पद के चेहरे के चयन के साथ एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश देने की तैयारी चल रही है। इसके अलावा, हरियाणा की तर्ज पर शपथ ग्रहण समारोह में राजग की शक्ति का प्रदर्शन भी किया जाएगा। शपथ ग्रहण के साथ ही नई सरकार दिल्ली को प्रदूषण और गंदगी से मुक्त करने के साथ-साथ विकसित दिल्ली का रोडमैप पेश करेगी। सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता यमुना को गंगा की तरह स्वच्छ बनाना होगी। इसी क्रम में, दिल्ली के प्रमुख सचिव ने विभिन्न विभागों को गुरुवार तक सौ दिनों की कार्ययोजना प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
सीएम पद को लेकर सस्पेंस क्यों बरकरार?
चुनावी नतीजे आने के पांच दिन बाद भी मुख्यमंत्री पद पर फैसला नहीं हो पाया है। किसी एक नाम पर चर्चा के बजाय स्थानीय और राष्ट्रीय राजनीतिक तथा सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखा जा रहा है। पार्टी इस निर्णय के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर एक सकारात्मक संदेश देना चाहती है। इसी कारण, महिला या अन्य वर्ग से सीएम बनाने के सभी संभावित पहलुओं पर गहन विचार-विमर्श किया जा रहा है।
मंत्री पदों के साथ निगम और बोर्डों पर भी मंथन जारी
DELHI में मुख्यमंत्री के अलावा केवल छह मंत्री बनाए जा सकते हैं। साथ ही, खादी बोर्ड और पर्यटन विकास निगम समेत करीब दर्जन भर पदों के लिए भी नाम तय किए जा रहे हैं। सरकार इन नियुक्तियों में सभी राजनीतिक समीकरणों और आवश्यकताओं को ध्यान में रख रही है। शपथ ग्रहण समारोह में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के शीर्ष नेताओं की उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। राजग शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और सहयोगी दलों के अध्यक्षों को भी आमंत्रित किया जाएगा। यह समारोह 16 फरवरी के बाद और 20 फरवरी से पहले आयोजित होगा।
मुख्य सचिव ने विभागों से सौ दिनों की कार्ययोजना मांगी
बुधवार को मुख्य सचिव ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रत्येक महीने की प्राथमिकताओं के आधार पर 100 दिनों की कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इसमें आयुष्मान योजना लागू करने, जलभराव की समस्या, सीवर सफाई और टूटी सड़कों की मरम्मत को विशेष प्राथमिकता देने को कहा गया है। चुनावी वादों के अनुसार, सीवर सफाई में मानवश्रम का प्रयोग बंद करने की योजना पर काम होगा। साथ ही, विभिन्न समितियों में रिक्त अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों की पूरी जानकारी मांगी गई है।