Team India को करारी चूक की भारी कीमत चुकानी पड़ी है। ये नुकसान मामूली नहीं, बल्कि पूरे 190 रन का रहा ,और वो भी अपनी ही गलतियों की वजह से। अब सवाल उठता है कि भारतीय टीम इस घाटे की भरपाई कैसे करेगी और इंग्लैंड इस मौके का कितना फायदा उठाएगा?
Team India की चूक, 190 रन का घाटा
पहले टेस्ट में भारत को जो बड़ा नुकसान हुआ, वो फील्डिंग और गेंदबाजी के दौरान की गई गलतियों का नतीजा है। ये गलतियां दूसरे और तीसरे दिन इंग्लैंड की पहली पारी के दौरान सामने आईं, जब टीम इंडिया ने मौके गंवाए, जिन्हें भुनाकर इंग्लैंड ने बड़ा स्कोर खड़ा कर लिया।
कैसे हुआ 47 रन का नुकसान?
इंग्लैंड की पारी के 7वें ओवर में, जब बेन डकेट 15 रन पर खेल रहे थे, तब उनका कैच रवींद्र जडेजा ने छोड़ दिया। इसके बाद डकेट ने 62 रन बनाए। यानी एक कैच ड्रॉप टीम इंडिया को 47 रन का नुकसान दे गया।
44 रन और गए हाथ से:
इसी तरह, इंग्लैंड के बल्लेबाज ओली पोप जब 62 रन पर थे, तब यशस्वी जायसवाल ने उनका आसान कैच छोड़ दिया। उसके बाद पोप ने 106 रन की पारी खेली इसका मतलब है 44 रन अतिरिक्त, जो भारत के पक्ष में नहीं गए।
हैरी ब्रूक से हुआ सबसे बड़ा नुकसान – 99 रन:
हैरी ब्रूक को भी भारत ने तीन बार जीवनदान दिया। पहली बार जब वो खाता भी नहीं खोल पाए थे, तब बुमराह ने उन्हें नो बॉल पर आउट कर दिया। फिर 46 और 82 के स्कोर पर दो कैच छोड़े गए ,पहले पंत से और फिर जायसवाल से। अंततः ब्रूक ने 99 रन बना डाले। अगर वे मौके भुनाए गए होते, तो भारत इस नुकसान से बच सकता था।
कुल जोड़ें तो नुकसान 190 रन का:
इन तीनों बल्लेबाजों – डकेट (47 रन), पोप (44 रन), और ब्रूक (99 रन) – को मिले मौकों से इंग्लैंड की पारी में जो रन जुड़े, वो कुल मिलाकर 190 बनते हैं। ये सभी रन भारत की फील्डिंग चूक की देन हैं। अगर ये गलतियां न होतीं, तो लीड्स टेस्ट में टीम इंडिया मजबूत स्थिति में होती और शायद मैच का रुख ही कुछ और होता।