लॉर्ड्स टेस्ट में गेंद बदलने को लेकर विवाद अब और गहरा गया है।Team India ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) से औपचारिक शिकायत की है, जिसमें उन्होंने अंपायर पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा है कि तीसरे टेस्ट के दौरान उन्हें जो गेंद दी गई थी, वह अपेक्षा से कहीं अधिक पुरानी — करीब 30 ओवर की — थी, जबकि उसे केवल 10 ओवर पुराना होना चाहिए था।
Team India के कप्तान शुभमन गिल और अंपायर के बीच इस मुद्दे को लेकर बहस भी हुई थी। टीम का कहना है कि गेंद की स्थिति की जानकारी न देने के साथ-साथ उन्हें अपनी पसंद की गेंद चुनने का विकल्प भी नहीं दिया गया। भारतीय टीम द्वारा चुनी गई गेंद को अंपायर ने यह कहकर खारिज कर दिया कि इंग्लैंड पहले ही उसे अपनी दूसरी नई गेंद के तौर पर चुन चुका है।
टीम इंडिया की आपत्ति क्या है?
एक भारतीय टीम अधिकारी ने बताया कि लॉर्ड्स टेस्ट के दौरान जब गेंद आकार खो बैठी और जांच के दौरान अंपायर के छल्लों से नहीं गुज़री, तो गेंद बदली गई। लेकिन उस वक्त 10 ओवर पुरानी गेंद न होने के कारण अंपायरों ने 30-35 ओवर पुरानी गेंद पकड़ा दी, जिससे गेंदबाजों की स्विंग खत्म हो गई और इंग्लैंड ने स्कोर में तेजी से बढ़त बना ली।
गेंदबाजों पर पड़ा असर
जसप्रीत बुमराह ने उस समय तक इंग्लैंड के तीन अहम विकेट चटकाए थे, लेकिन गेंद बदलने के बाद इंग्लैंड ने पहली पारी में 355 रन बना डाले। जेमी स्मिथ और ब्राइडन कार्स की पारियों ने मैच का रुख पूरी तरह इंग्लैंड की ओर मोड़ दिया।
प्रक्रिया पर उठाए सवाल
भारतीय अधिकारी ने यह भी सुझाव दिया कि भविष्य में गेंद का चयन ड्रेसिंग रूम में नहीं बल्कि मैच रेफरी के कमरे में होना चाहिए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। उन्होंने इस मुद्दे पर ICC से नियमों के तहत दखल देने की मांग की है।
इस टेस्ट मुकाबले में टीम इंडिया को बेहद करीबी अंतर से — 22 रन से — हार का सामना करना पड़ा, जिससे यह विवाद और अधिक चर्चा का विषय बन गया है।