BJP National President Nitin Nabin: बीजेपी के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बने नितिन नबीन। 26 साल में विधायक से 45 की उम्र में पार्टी प्रमुख बनने तक का पूरा राजनीतिक सफर, चुनौतियां और दक्षिण भारत की अग्निपरीक्षा पढ़ें।
BJP National President Nitin Nabin: भारतीय जनता पार्टी को नया नेतृत्व मिल गया है। सोमवार को नितिन नबीन ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल किया, जिसके बाद यह लगभग तय हो गया कि वे निर्विरोध इस पद पर चुने जाएंगे। औपचारिक घोषणा मंगलवार, 20 जनवरी को होगी। 45 वर्ष की उम्र में नितिन नबीन देश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने जा रहे हैं। उनकी ताजपोशी को बीजेपी में एक बड़े पीढ़ीगत बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।
नामांकन के बाद एनडीए के कई वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें बधाई दी। इससे साफ हो गया कि संगठन और नेतृत्व दोनों का भरोसा नितिन नबीन पर पूरी तरह बना हुआ है।
“राजनीति मैराथन है” – अध्यक्ष बनते ही दिखाया विज़न
कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद आरएसएस के पटना स्थित कार्यालय में नितिन नबीन ने साफ कहा था— “राजनीति सौ मीटर की दौड़ नहीं, बल्कि एक लंबी मैराथन है। मेरा लक्ष्य है कि बंगाल से केरल तक और संसद से पंचायत तक भगवा लहराए।” इस बयान से ही यह स्पष्ट हो गया था कि पार्टी उन्हें सिर्फ अध्यक्ष नहीं, बल्कि भविष्य की राष्ट्रीय राजनीति का चेहरा मान रही है।
26 की उम्र में विधायक, 45 में राष्ट्रीय अध्यक्ष
नितिन नबीन का राजनीतिक सफर बेहद तेज़ और प्रभावशाली रहा है। महज 26 साल की उम्र में विधायक बनने वाले नितिन अब 45 साल में बीजेपी अध्यक्ष बन गए हैं। दिलचस्प बात यह है कि बीजेपी शासित राज्यों में कोई भी मुख्यमंत्री उम्र में उनसे छोटा नहीं है। अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू (46 वर्ष) भी उनसे एक साल बड़े हैं।
लोकसभा चुनाव 2024 के बाद जेपी नड्डा का कार्यकाल समाप्त हुआ था। इसके बाद 14 दिसंबर को नितिन नबीन को बीजेपी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया, जिससे यह साफ हो गया कि पार्टी की कमान अब उन्हीं के हाथ में जाने वाली है।
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राजनीतिक परिवार से ताल्लुक, पढ़ाई दिल्ली से
23 मई 1980 को रांची में जन्मे नितिन नबीन, बीजेपी के वरिष्ठ नेता नबीन किशोर प्रसाद सिन्हा के पुत्र हैं। उनके पिता पटना वेस्ट सीट से चार बार विधायक रह चुके हैं।
नितिन नबीन ने:
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1996 में पटना के CBSE स्कूल से 10वीं
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1998 में दिल्ली से 12वीं की पढ़ाई पूरी की
उनकी पत्नी का नाम दीपमाला श्रीवास्तव है और उनके दो बच्चे हैं—एक बेटा और एक बेटी।
बांकीपुर से पांच बार विधायक, ज़मीन से जुड़े नेता
कम बोलने और काम पर विश्वास रखने वाले नितिन नबीन अब तक पांच बार विधायक चुने जा चुके हैं।
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2006 में पटना वेस्ट से उपचुनाव जीत
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परिसीमन के बाद बांकीपुर सीट से 2010, 2015, 2020 और 2025 में जीत
वह नीतीश कुमार सरकार में कई अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
संगठन और चुनावी रणनीति में मजबूत पकड़
नितिन नबीन सिर्फ चुनावी नेता ही नहीं, बल्कि संगठन के भी अनुभवी रणनीतिकार हैं। वे रह चुके हैं:
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भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव
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बिहार युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष
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सिक्किम के प्रभारी
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छत्तीसगढ़ के सह-प्रभारी
दिसंबर 2025 में बीजेपी संसदीय बोर्ड ने उन्हें राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी थी।
सामने हैं पांच राज्यों के बड़े चुनाव
बीजेपी अध्यक्ष के तौर पर नितिन नबीन के सामने चुनौतियां कम नहीं हैं। उनके कार्यकाल में जिन राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं, वे हैं:
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पश्चिम बंगाल
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तमिलनाडु
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केरल
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असम
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पुडुचेरी
इनमें से बंगाल, तमिलनाडु और केरल ऐसे राज्य हैं जहां बीजेपी अब तक सरकार नहीं बना पाई है।
दक्षिण भारत बनेगा सबसे बड़ी ‘अग्निपरीक्षा’
नितिन नबीन के लिए सबसे कठिन परीक्षा दक्षिण भारत में होगी।
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तमिलनाडु में बीजेपी ने AIADMK के साथ गठबंधन किया है, लेकिन लोकसभा चुनाव 2024 में पार्टी को एक भी सीट नहीं मिली।
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केरल में अब भी लेफ्ट सरकार है, हालांकि स्थानीय निकाय चुनावों में बीजेपी को उल्लेखनीय सफलता मिली और तिरुवनंतपुरम में मेयर पद भी हासिल हुआ।
अब देखना होगा कि नितिन नबीन दक्षिण में बीजेपी को कितनी मजबूती से स्थापित कर पाते हैं।
अटल बिहारी वाजपेयी से नितिन नबीन तक का सफर
नितिन नबीन बीजेपी अध्यक्षों की उस ऐतिहासिक सूची में शामिल हो गए हैं जिसकी शुरुआत 1980 में अटल बिहारी वाजपेयी से हुई थी। इस सूची में आडवाणी, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, अमित शाह और जेपी नड्डा जैसे दिग्गज शामिल रहे हैं। अब इस फेहरिस्त में सबसे युवा नाम नितिन नबीन का जुड़ गया है।
भविष्य की राजनीति का नया चेहरा
बीजेपी ने नितिन नबीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाकर यह स्पष्ट संकेत दिया है कि पार्टी अब भविष्य की राजनीति को ध्यान में रखते हुए नई पीढ़ी को आगे ला रही है। चुनौतियां बड़ी हैं, लेकिन संगठन, कार्यकर्ताओं और रणनीति के दम पर नितिन नबीन से पार्टी को बड़ी उम्मीदें हैं।