मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माघ मेला 2026 की तैयारियों की समीक्षा की। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और बाढ़ कार्ययोजना पर जोर।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को माघ मेला 2026 की तैयारियों की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि सुरक्षा और सुविधा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिला अधिकारियों को फील्ड में उतरकर मेला और स्नान स्थलों पर व्यवस्थाओं की निगरानी करने के निर्देश दिए। साथ ही मेला में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
प्रमुख निर्देश और तैयारियां:
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स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण: पौष पूर्णिमा पर अनुमानित 15-25 लाख श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए अस्पताल, मेडिकल स्टाफ, एम्बुलेंस, स्वच्छ शौचालय, पेयजल और महिलाओं के लिए सुविधाओं का पर्याप्त प्रबंध किया जाएगा।
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हेलीपैड निर्माण: जिला मुख्यालयों, सर्किट हाउस, तहसील और ब्लॉक मुख्यालयों पर स्थायी हेलीपैड बनाने के निर्देश।
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भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा: श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए कंट्रोल रूम, प्रवेश-निकास व्यवस्था, गोताखोर, बैरिकेडिंग और शीतलहर प्रबंधन सुनिश्चित किया जाएगा।
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सड़क और यातायात प्रबंधन: अवैध टैक्सी स्टैंड, बस स्टैंड और वेंडरों को हटाकर निर्धारित स्थानों पर व्यवस्थित करने के निर्देश।
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महिला सुरक्षा: महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम और मेला क्षेत्रों में सतर्क निगरानी, संदिग्ध तत्वों पर सख्त कार्रवाई।
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भूमि और संपत्ति सुरक्षा: भू-माफिया और असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कार्रवाई, नागरिकों की भूमि और संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना।
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बाढ़ से बचाव: अगले 10 दिनों में सभी जिलाधिकारियों को बाढ़ से बचाव की कार्ययोजना तैयार करके मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव को प्रस्तुत करने के निर्देश।
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मानव सुविधाएं: रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और रैन बसेरों पर अलाव और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि कोई भी नाविक या होटल संचालक श्रद्धालुओं से मनमाना शुल्क नहीं ले। साथ ही, उन्होंने जनसुनवाई व्यवस्था को और प्रभावी बनाने और श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित मेला सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस बैठक में प्रयागराज, वाराणसी, अयोध्या, चित्रकूट, हापुड़ (गढ़मुक्तेश्वर), मथुरा-वृंदावन, फर्रुखाबाद और शाहजहांपुर सहित सभी माघ मेला संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों ने भाग लिया।