रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तिरंगा माउंटेन रेस्क्यू टीम की 2025-26 की शीतकालीन तैनाती की सफलता पर बधाई दी और हिमालय में उनके बचाव अभियान की सराहना की।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तिरंगा माउंटेन रेस्क्यू (टीएमआर) टीम को 2025-26 की शीतकालीन तैनाती अभियान को सुरक्षित और सफलतापूर्वक पूरा करने पर बधाई दी। उन्होंने टीम की हिमालयी क्षेत्र की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उत्कृष्ट सेवा की सराहना की।
‘राष्ट्र के लिए एक दशक की मौन सेवा’ प्रदर्शनी
नई दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में आयोजित फोटो प्रदर्शनी ‘राष्ट्र के लिए एक दशक की मौन सेवा’ में टीएमआर की दस साल की सेवा को प्रदर्शित किया गया। रक्षा मंत्री ने टीएमआर के संस्थापक हेमंत सचदेवा और पूरी टीम के समर्पण और प्रतिबद्धता की तारीफ की।
हिमालय में टीएमआर की भूमिका
राजनाथ सिंह ने हिमालय को न केवल बर्फ से ढकी पर्वत श्रृंखला बल्कि देश की प्राकृतिक ढाल बताया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के समय टीएमआर सशस्त्र बलों और एनडीआरएफ के साथ मिलकर नागरिकों की जान बचाने और पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
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प्रदर्शन में दिखाए गए अभियान
प्रदर्शनी में टीएमआर द्वारा उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में चलाए गए बचाव और राहत अभियानों की तस्वीरें प्रदर्शित की गईं। इन तस्वीरों में संगठन के पिछले दशक के कार्यों, स्वयंसेवी प्रयासों और लोगों के जीवन पर उनके सकारात्मक प्रभाव को उजागर किया गया।
ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख
दिन के अन्य कार्यक्रम में रक्षा मंत्री ने जयपुर स्थित दक्षिण पश्चिमी कमान मुख्यालय में संयुक्त कमांडरों के सम्मेलन में भाग लिया। उन्होंने मई 2025 में पाकिस्तान के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर की सराहना की और इसे “अल्पकालिक, गहन घुसपैठ, उच्च तीव्रता और व्यापक प्रभाव वाला अभियान” बताया।
भविष्य के युद्ध और तकनीकी तैयारी
राजनाथ सिंह ने भविष्य के युद्ध में नवाचार, समन्वय और आधुनिक तकनीकों के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्वायत्त प्रणालियों, डेटा विश्लेषण और सुरक्षित संचार नेटवर्क जैसी क्षमताओं को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया।