कभी-कभी शरीर में मसल्स की कमजोरी, हाथ-पैर सुन्न होना या बार-बार झनझनाहट महसूस होना किसी गंभीर पोषण संबंधी कमी का संकेत हो सकता है. इसे सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज करना गलत है, क्योंकि यह अक्सर Vitamin B12 और Vitamin D की कमी से जुड़ा होता है.
विटामिन B12 की कमी
Vitamin B12 नर्वस सिस्टम को स्वस्थ रखने के लिए बेहद जरूरी है. इसकी कमी से नसों की कार्यक्षमता घट जाती है, जिससे हाथ-पैरों में झनझनाहट, सुन्नपन, चक्कर, थकान और मसल्स की कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं. लंबे समय तक यह कमी रहने पर न्यूरोलॉजिकल समस्याएं भी हो सकती हैं.
विटामिन D की कमी
Vitamin D की कमी से शरीर में कैल्शियम का संतुलन बिगड़ जाता है, जिससे हड्डियों और मांसपेशियों पर नकारात्मक असर पड़ता है. परिणामस्वरूप मसल्स वीकनेस, दर्द, जकड़न और थकान महसूस होती है. बुजुर्गों में इसका प्रभाव और तेज होता है, जिससे चलने-फिरने में परेशानी हो सकती है.
अन्य पोषक तत्वों की कमी
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Vitamin E की कमी से नर्व डैमेज और झनझनाहट हो सकती है.
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मैग्नीशियम व पोटैशियम की कमी मसल क्रैम्प्स और कमजोरी का कारण बन सकती है.
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आयरन की कमी थकान और शरीर में भारीपन पैदा कर सकती है.
कैसे करें पहचान और समाधान
बार-बार ये लक्षण दिखें तो ब्लड टेस्ट कराकर विटामिन और मिनरल स्तर की जांच कराएं.
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Vitamin B12: दूध, पनीर, अंडा, मछली और सप्लीमेंट से पूरा करें.
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Vitamin D: सुबह की धूप लें, जरूरत पड़ने पर सप्लीमेंट लें.
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मैग्नीशियम: हरी सब्जियां, ड्राई फ्रूट्स, साबुत अनाज खाएं.
यदि शरीर में लगातार थकान, मसल्स की कमजोरी या झनझनाहट बनी रहे, तो समय पर इलाज और संतुलित आहार से इन समस्याओं से राहत पाई जा सकती है.