उत्तर प्रदेश सरकार ने 2026-27 का ऐतिहासिक बजट 9.13 लाख करोड़ रुपये का पेश किया। महिलाओं, युवाओं, किसानों और बुनियादी ढांचे पर जोर, नई योजनाएं, ग्रीन बजट और आर्थिक विकास की दिशा में बड़ा कदम।
उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट 9.13 लाख करोड़ रुपये का पेश किया, जो राज्य के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा बजट है। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने इसे ‘विकसित भारत के संकल्प’ और विजन-2047 की दिशा में एक निर्णायक कदम बताया। पिछले वर्षों के मुकाबले यह बजट लगभग 1 लाख करोड़ रुपये अधिक है, और इसका उद्देश्य राज्य को तेजी से आर्थिक विकास, निवेश और समावेशी प्रगति की दिशा में आगे बढ़ाना है।
बजट का आकार और व्यय विवरण
इस बजट में कुल व्यय 9.13 लाख करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है, जिसमें राजस्व व्यय 6.64 लाख करोड़ और पूंजीगत व्यय 2.48 लाख करोड़ शामिल हैं। कुल प्राप्तियां 8.48 लाख करोड़ रुपये हैं, जिनमें राजस्व प्राप्तियां 7.29 लाख करोड़ रुपये तक पहुंची हैं। यह बजट आकार पिछले नौ वर्षों में दोगुना से भी अधिक हो गया है, जब 2017-18 में बजट केवल 3.85 लाख करोड़ रुपये था।
नई योजनाएं: महिलाओं, युवाओं और किसानों पर विशेष फोकस
बजट में 50 से अधिक नई योजनाओं की घोषणा की गई है, जिनमें महिलाओं, युवाओं और किसानों के लिए विशेष कार्यक्रम शामिल हैं। मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना, महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड योजना, और पशुधन बीमा एवं जोखिम प्रबंधन योजना कृषि और किसान कल्याण को बढ़ावा देंगी। युवा सशक्तिकरण के लिए स्वामी विवेकानंद युवा-सशक्तिकरण योजना, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना, और टैबलेट/स्मार्टफोन वितरण जैसे कार्यक्रम संचालित होंगे।
also read: उत्तर प्रदेश बजट 2026-27: विकास, रोजगार और महिला…
शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में ड्रीम स्किल लैब, नए कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, और प्रत्येक जनपद में छात्राओं के लिए छात्रावास की योजनाएं शामिल हैं। आईटी और एआई के लिए उत्तर प्रदेश एआई मिशन, स्टेट डेटा सेंटर और यू-हब जैसे नए प्रोजेक्ट्स प्रस्तावित हैं।
स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचा और निवेश
स्वास्थ्य क्षेत्र में चार सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल (PPP मोड), ट्रॉमा सेंटर लेवल-2 और मेडिकल कॉलेजों में छात्रावास की योजना शामिल है। बुनियादी ढांचे में 7 संचालित एयरपोर्ट और शीघ्र शुरू होने वाला जेवर एयरपोर्ट, 16,000+ स्टार्टअप्स और 8 यूनिकॉर्न कंपनियों के लिए निवेश प्रोत्साहन दिया गया है। कुल 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश प्रस्ताव राज्य की आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देंगे।
ग्रीन और पिंक बजट: पर्यावरण और महिला सुरक्षा पर जोर
बजट में ग्रीन बजट टैगिंग को 23.5% तक बढ़ाया गया है। 242 करोड़ से अधिक पौधारोपण, 1 गीगावाट से अधिक सोलर क्षमता और महिला सुरक्षा के लिए मिशन शक्ति 5.0 लागू किया गया है। ये पहलें सतत विकास और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
बच्चों और युवाओं के लिए प्रमुख योजनाएं
युवाओं के लिए मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत 23,000 से अधिक युवाओं को मुफ्त कोचिंग दी जा रही है। इसके अलावा स्वामी विवेकानंद युवा-सशक्तिकरण योजना के तहत 49.86 लाख टैबलेट और स्मार्टफोन वितरित किए जा चुके हैं। 90,000 मंगल दलों को खेल सामग्री प्रदान कर खेल और युवा प्रोत्साहन को बढ़ावा दिया जा रहा है।
विभागीय प्राथमिकताएं
विभागीय आवंटन में प्राथमिक शिक्षा को ₹80,997 करोड़, ऊर्जा को ₹65,926 करोड़, गृह विभाग को ₹44,145 करोड़ और लोक निर्माण विभाग को ₹33,740 करोड़ आवंटित किए गए हैं। इस बजट का मुख्य उद्देश्य संतुलित, समावेशी और सतत विकास के माध्यम से राज्य को 10 खरब डॉलर अर्थव्यवस्था की दिशा में ले जाना है।