पैरों में swelling के पीछे कई वजहें हो सकती हैं, लेकिन अगर swelling के साथ दर्द न हो, तो यह किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। कई बार पैरों की सूजन कुछ ऐसी गंभीर बीमारियों का लक्षण होती है जो जानलेवा साबित हो सकती हैं। इसलिए अगर पैरों में सूजन नजर आए, तो बिना देर किए डॉक्टर से सलाह लेकर जांच करवा लेना जरूरी है।
अगर अचानक पैरों में सूजन आ जाए तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए और सावधानी बरतनी जरूरी है। आमतौर पर पैरों की swelling को किडनी संबंधी समस्याओं से जोड़ा जाता है, लेकिन इसके पीछे और भी कई संभावित बीमारियां हो सकती हैं। कभी-कभी यह किसी अंदरूनी चोट का परिणाम भी हो सकती है। इसलिए जरूरी है कि पैरों में सूजन होने पर उसकी जांच जरूर करवाई जाए, क्योंकि यह किसी गंभीर या जानलेवा बीमारी का संकेत भी हो सकता है।
पैरों में swelling का कारण किडनी, दिल या लिवर से जुड़ी गंभीर बीमारी हो सकती है। इन तीनों स्थितियों में सूजन को नजरअंदाज करना खतरनाक साबित हो सकता है। अगर सूजन के साथ दर्द है तो यह आमतौर पर कम गंभीर मानी जाती है, लेकिन अगर सूजन बिना दर्द के हो रही है तो यह एक चेतावनी संकेत हो सकता है और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है। खासकर अगर सूजन हृदय की किसी समस्या की वजह से हो, तो यह हार्ट अटैक का खतरा भी बढ़ा सकती है।
पैरों में swelling आने के कई कारण हो सकते हैं. इनमें एक प्रमुख कारण चोट लगना है. इसके अलावा, ज्यादा देर तक खड़े रहने से भी पैरों में सूजन हो सकती है. यदि सूजन में दर्द नहीं है, तो यह किडनी, दिल या लिवर की बीमारी का संकेत हो सकता है. दिल से जुड़ी बीमारियों में रक्त वाहिकाओं में थक्का जमा होने से सूजन हो सकती है, जिसका इलाज तुरंत करवाना जरूरी है. लिवर में खराबी के कारण शरीर में तरल पदार्थ का जमाव होता है, जो सूजन का कारण बनता है. इसके अतिरिक्त, पैरों की नसों में खून के थक्के बनने से भी सूजन हो सकती है।
यदि पैरों में swelling हो और दर्द न हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. डॉक्टर जांच के बाद सूजन के कारण का पता लगाएंगे. यदि सूजन चोट के कारण है, तो ज्यादा चिंता की बात नहीं है, लेकिन अगर यह किसी बीमारी के कारण है, तो जांच और इलाज जरूरी है. खून के थक्के जमने से होने वाली सूजन में हार्ट अटैक का खतरा हो सकता है, इसलिए इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।