कई बार Fever तो नहीं होता, लेकिन शरीर में दर्द, जलन और कमजोरी महसूस होती है। अधिकतर लोगों को इसका कारण समझ में नहीं आता, लेकिन अगर आपको भी ऐसी समस्या हो रही है तो सावधान हो जाएं, क्योंकि यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है।
आजकल की तेज़-रफ़्तार जिंदगी और अस्वास्थ्यकर खानपान की वजह से शरीर में कई तरह की समस्याएं पैदा हो सकती हैं। कभी-कभी ज्यादा काम या आराम न करने के कारण भी शरीर में कमजोरी और दर्द होने लगता है। लेकिन कुछ लोगों को बिना ज्यादा मेहनत किए या बिना Fever आए भी शरीर में टूटन या जलन जैसी समस्या होती है। ऐसे में सवाल उठता है कि ये समस्या क्यों होती है और क्या यह किसी बीमारी का संकेत हो सकता है? आइए इस बारे में जानकारी लेते हैं।
यदि शरीर में लगातार टूटन महसूस हो रही हो लेकिन Fever न हो, तो इसके पीछे थायरॉइड की समस्या हो सकती है। खासतौर पर हाइपोथायरॉइडिज्म इसके कारण हो सकता है, जिसमें थकान, कमजोरी, मांसपेशियों में दर्द और शरीर में भारीपन की भावना होती है।
हाइपोथायरॉइडिज्म तब होता है जब शरीर में थायरॉयड हार्मोन सही ढंग से काम नहीं करता, जिससे मेटाबोलिज्म धीमा पड़ जाता है और थकान होने लगती है। इस स्थिति में बिना बुखार के भी शरीर में दर्द महसूस हो सकता है।
विटामिन बी12, विटामिन डी, कैल्शियम या आयरन की कमी के कारण भी बिना बुखार कमजोरी, दर्द या जलन हो सकती है। यह अक्सर गलत खानपान या पाचन संबंधी समस्याओं से जुड़ा होता है। मानसिक तनाव या डिप्रेशन भी इन लक्षणों का कारण बन सकते हैं, जैसे शरीर में जलन, थकावट और सुस्ती, लेकिन बुखार नहीं होता।
क्रॉनिक फटीग सिंड्रोम एक ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति लगातार थका हुआ और कमजोर महसूस करता है, भले ही आराम कर रहा हो। इस स्थिति में भी शरीर में दर्द और कमजोरी हो सकती है, और बुखार नहीं आता। इसे मेडिकल टेस्ट के जरिए ही पहचाना जाता है।
डायबिटीज या ब्लड प्रेशर की समस्या से भी नसों में जलन, कमजोरी, सिर भारी होना और थकान जैसी शिकायतें हो सकती हैं।