पंजाबी सिंगर जैस्मीन सैंडलस ने अपने पिता के निधन के बाद के संघर्ष और मां के शब्दों से जुड़े दर्द को साझा किया। इंटरव्यू में उन्होंने अपनी पर्सनल लाइफ, म्यूजिक जर्नी और संघर्ष भरे सफर के बारे में खुलकर बात की।
पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री की मशहूर सिंगर जैस्मीन सैंडलस ने हाल ही में अपनी निजी जिंदगी से जुड़े भावनात्मक अनुभवों को साझा किया है। एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में उन्होंने अपने पिता के निधन के बाद आई कठिनाइयों और परिवार में आई भावनात्मक उथल-पुथल के बारे में खुलकर बात की।
जैस्मीन सैंडलस ने बताया कि उनके पिता परिवार के लिए एक मजबूत सहारा थे और उनके जाने के बाद जीवन में खालीपन और संघर्ष बढ़ गया। उन्होंने कहा कि आज भी वह अपने पिता को बेहद याद करती हैं और अपनी सफलता के पलों को उनके साथ साझा न कर पाने का दुख महसूस करती हैं।
सिंगर ने यह भी स्वीकार किया कि पिता के निधन के बाद उन्हें जीवन में कई भावनात्मक और मानसिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इस दौरान उन्होंने कई बार खुद को टूटता हुआ महसूस किया, लेकिन परिवार और कुछ करीबी दोस्तों के सहारे उन्होंने खुद को संभाला।
इंटरव्यू में उन्होंने अपने संगीत करियर की शुरुआत और संघर्ष के दिनों का भी जिक्र किया। जैस्मीन ने कहा कि उन्हें सफलता देर से मिली और कई बार उन्होंने अपने सपनों को लेकर खुद पर भी संदेह किया।
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उन्होंने एक भावनात्मक घटना साझा करते हुए बताया कि उनकी मां ने एक बार कहा था कि वे महान पंजाबी कवि शिव कुमार बटालवी या पाश जैसी नहीं बन सकतीं। इस बात ने उन्हें अंदर तक प्रभावित किया, लेकिन उसी क्षण उन्होंने खुद को शब्दों में व्यक्त करना शुरू किया और लिखने की शुरुआत की।
जैस्मीन सैंडलस ने कहा कि उन्होंने अपने संघर्ष के दौरान हजारों गाने लिखे और संगीत उनके लिए खुद को व्यक्त करने का सबसे मजबूत माध्यम बन गया। आज वे अपने करियर को देखकर गर्व महसूस करती हैं और अपनी यात्रा को बेहद खास मानती हैं।
सिंगर ने यह भी कहा कि जीवन में सबसे बड़ी लड़ाई दुनिया से नहीं बल्कि अपने अंदर के डर और असुरक्षाओं से होती है। उनके अनुसार, असली जीत खुद पर विश्वास करने में है।
जैस्मीन सैंडलस के इन भावनात्मक खुलासों ने उनके फैंस को भी काफी प्रभावित किया है और सोशल मीडिया पर लोग उनकी ईमानदारी और संघर्ष की कहानी की सराहना कर रहे हैं।