Today Silver Price: पिछले ढाई महीनों में चांदी और सोने के भाव में लगातार तेजी देखने को मिल रही है। फिलहाल बाजार में 24 कैरेट सोने का भाव प्रति 10 ग्राम 1,45,000 रुपये दर्ज किया गया है, वहीं चांदी के भाव ने निवेशकों को हैरान कर दिया है।
चांदी के भाव में बेतहाशा वृद्धि
दीपावली 31 अक्टूबर 2025 को चांदी का भाव 1,49,000 रुपये प्रति किलो था, लेकिन सोमवार 19 जनवरी 2026 को यह बढ़कर 2,09,600 रुपये प्रति किलो हो गया। यानी ढाई महीनों में चांदी के भाव में लगभग दो गुना वृद्धि हुई है।
सराफा व्यापारियों के अनुसार, चांदी की कीमतों में इस तेजी के साथ-साथ इसकी मांग भी बढ़ गई है। बिहार सराफा व्यावसायिक संघ के अध्यक्ष और पटना के थोक विक्रेता अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि पिछले सप्ताह से केवल पटना में ही प्रतिदिन 100 करोड़ रुपये से अधिक की चांदी की बिक्री हो रही है।
निवेशकों की नई पसंद: चांदी
अब लोग निवेश के लिए चांदी के सिक्के और ईंट खरीदने लगे हैं। एक चांदी की ईंट लगभग 500 ग्राम की होती है, जिसकी कीमत करीब 1.50 लाख रुपये है। वहीं 10 ग्राम चांदी के सिक्के का रेट अब 3,200 रुपये है, जो ढाई महीने पहले 1,500-1,600 रुपये था।
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विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि यही रफ्तार रही तो फरवरी तक चांदी का भाव 5 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकता है। कभी-कभी एक दिन में ही चांदी के भाव में 20,000 रुपये प्रति किलो तक की वृद्धि दर्ज की जा रही है।
सोने की तुलना में चांदी में तेजी
अशोक कुमार वर्मा के अनुसार, पहले निवेशक सोने में अधिक निवेश करते थे। हालांकि सोने के भाव में भी वृद्धि हुई है, लेकिन पिछले 15 दिनों से सोने की कीमत स्थिर है। जबकि चांदी के भाव में अत्यधिक तेजी देखी जा रही है। यही कारण है कि निवेशक अब चांदी में निवेश को प्राथमिकता दे रहे हैं।
चांदी की बढ़ती मांग और वैश्विक स्थिति
चांदी की मांग सिर्फ निवेश तक सीमित नहीं है। सोलर लाइट और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में चांदी का उपयोग बढ़ने से इसकी बिक्री और कीमतों में वृद्धि हुई है।
वैश्विक स्तर पर भी चांदी की कीमतों में उछाल देखा जा रहा है। अमेरिका ने सिल्वर और कॉपर को रेयर मेटल घोषित किया है, जबकि चीन ने चांदी खरीदना शुरू कर दिया है और इसके एक्सपोर्ट पर प्रतिबंध लगा दिया है। अमेरिका द्वारा 10% टैरिफ बढ़ाना भी चांदी के भाव बढ़ने का एक बड़ा कारण है।
हालांकि अर्थशास्त्रियों का कहना है कि निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि भविष्य में चांदी के भाव में गिरावट की संभावना भी बनी हुई है।