युवाओं में तेजी से बढ़ रहा जॉइंट पेन: 20-30 साल की उम्र में जोड़ों में दर्द, कारण, लक्षण और बचाव के आसान उपाय जानें।
आजकल 20 से 30 साल के युवा भी घुटनों, कमर, गर्दन और कंधों के दर्द से परेशान दिखाई दे रहे हैं। अक्सर सुबह उठते ही जोड़ों में अकड़न महसूस होती है, थोड़ी देर बैठने के बाद खड़े होने में तकलीफ होती है या हल्की एक्सरसाइज करने पर भी जोड़ों में दर्द रहता है। पहले यह माना जाता था कि जोड़ों का दर्द केवल 60 या 70 साल की उम्र के बाद आता है, लेकिन बदलती लाइफस्टाइल और काम करने के तरीके ने इस सोच को बदल दिया है।
युवाओं में जॉइंट पेन बढ़ने के प्रमुख कारण
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बैठने वाली जीवनशैली – लैपटॉप, मोबाइल और ऑफिस वर्क की वजह से युवा लंबे समय तक कुर्सी पर बैठते हैं। कम चलना-फिरना और शारीरिक गतिविधि की कमी मांसपेशियों को कमजोर कर देती है, जिससे जोड़ों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
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गलत बॉडी पोस्चर – झुक कर बैठना, मोबाइल या लैपटॉप देखते समय गर्दन नीचे रखना और लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठना जोड़ों के लिए हानिकारक होता है।
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गलत या अत्यधिक एक्सरसाइज – एक्सरसाइज करने से पहले वार्म-अप न करना, अचानक भारी वजन उठाना या बिना ट्रेनर के कठिन एक्सरसाइज करना जोड़ों को नुकसान पहुंचा सकता है।
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कमजोर कोर मसल्स – पेट और पीठ की मांसपेशियां यानी कोर मसल्स कमजोर होने पर घुटनों और कमर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
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दर्द को अनदेखा करना – युवा अक्सर सोचते हैं कि उम्र कम है, दर्द अपने आप ठीक हो जाएगा। लेकिन बार-बार होने वाला दर्द शरीर का चेतावनी संकेत है। इसे नजरअंदाज करना आगे चलकर स्थायी नुकसान का कारण बन सकता है।
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किन लक्षणों को हल्के में न लें
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सुबह उठते समय जोड़ों में अकड़न
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सीढ़ियां चढ़ते या उतरते समय घुटनों में दर्द
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कंधे घुमाते समय चटकने की आवाज
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लंबे समय तक बैठने के बाद कमर में दर्द
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हल्की एक्सरसाइज के बाद सूजन या दर्द
इनमें से कोई भी लक्षण बार-बार दिखाई दे तो ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है। शुरुआती जांच और सही इलाज से समस्या को बढ़ने से रोका जा सकता है।
जॉइंट पेन से बचाव के आसान और प्रभावी उपाय
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रोजाना कम से कम 30 मिनट पैदल चलें या हल्की एक्सरसाइज करें।
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वर्कआउट से पहले और बाद में स्ट्रेचिंग करें, कोर मसल्स मजबूत करने वाली एक्सरसाइज अपनाएं।
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सीधे बैठें, स्क्रीन आंखों के स्तर पर रखें और हर 30–40 मिनट में ब्रेक लें।
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अधिक वजन उठाने से बचें क्योंकि इससे घुटनों और जोड़ों पर दबाव बढ़ता है।
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लगातार मेहनत के बाद शरीर को आराम और रिकवरी का समय दें।
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यदि दर्द लंबे समय तक बना रहे, तो विशेषज्ञ से जांच जरूर करवाएं।
सही समय पर पहचान और उपचार से जॉइंट पेन को नियंत्रित किया जा सकता है और भविष्य में स्थायी समस्याओं से बचा जा सकता है।