अयोध्या दीपोत्सव 2025 में 26 लाख से अधिक दीपों से जगमगाई राम नगरी, दो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बने। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भव्य पूजा-अर्चना और भक्ति की झलक। जानें पूरे कार्यक्रम की खास बातें।
अयोध्या दीपोत्सव 2025: अयोध्या में रविवार को दीपोत्सव के नौवें संस्करण में 26 लाख 17 हजार 215 दीपक जलाकर एक नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया गया। राज्य सरकार के अनुसार, श्रद्धालुओं ने सरयू नदी के तट पर पूजा-अर्चना की और पूरा शहर भक्ति और आस्था की रौशनी से रोशन हो उठा। ‘श्री राम, जय राम, जय जय राम’ के जयकारों से अयोध्या की पवित्र नगरी गूंज उठी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने दीपोत्सव के दौरान दो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित किए। पहला रिकॉर्ड 26 लाख 17 हजार 215 दीपक जलाने का और दूसरा रिकॉर्ड 2,128 वेदाचार्यों, पुजारियों एवं साधकों द्वारा मां सरयू की सामूहिक आरती करने का रहा। इन दोनों उपलब्धियों की पुष्टि ड्रोन कैमरा और गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के अधिकारियों ने की।
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में डॉक्टर राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के 32,000 से अधिक स्वयंसेवक और स्थानीय संगठनों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अयोध्या के मंदिर, घर, मठ और सार्वजनिक स्थानों पर दीप जलाए गए। दीपोत्सव का समापन रामकथा पार्क में भव्य आरती के साथ हुआ, जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मंत्रिमंडल के सदस्य और संत समाज ने भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान की पूजा की।
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विशेष आकर्षण रहा ‘पुष्पक विमान’ यानी हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा, जो भगवान राम के प्रतीकात्मक राज्याभिषेक को भव्यता प्रदान कर रहा था। मुख्यमंत्री ने स्वयं पवित्र रथ को खींचा, जिसे भक्तों ने त्रेता युग की अनुभूति बताया। इस आयोजन में कई साधु-संतों और गणमान्य लोगों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को आशीर्वाद भी मिला।
दीपोत्सव में 22 झांकियां रामायण के प्रसंगों को दर्शातीं रहीं, जिसमें रूस, थाईलैंड, इंडोनेशिया, नेपाल, श्रीलंका और भारत के 2,000 से अधिक कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियाँ दीं। सड़कों को फूलों और रंगोली से सजाया गया। शाम को 1,100 स्वदेशी ड्रोन द्वारा शानदार लाइट शो में भगवान राम के जीवन और रामायण के दृश्य आकाश में चित्रित किए गए, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्री राम मंदिर में दर्शन किए और गर्भगृह एवं राम की पैड़ी पर पूजा-अर्चना व आरती की। उन्होंने दीपोत्सव को सनातन धर्म में आस्था, एकता और गौरव का पर्व बताया।