प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन पर जानिए एक अनसुना किस्सा, जब उन्हें जनरल डिब्बे में बैठकर 230 KM का सफर तय करना पड़ा। यह कहानी दिखाती है उनकी सादगी और कर्तव्यनिष्ठा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (17 सितंबर 2025) अपना 75वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस खास अवसर पर उनके जीवन से जुड़ी एक अनसुनी और प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जब वे प्रधानमंत्री नहीं थे, बल्कि भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री के तौर पर कार्यरत थे। यह घटना बताती है कि कैसे मोदी ने सुविधाओं की कमी के बावजूद जिम्मेदारी को प्राथमिकता दी और जनरल डिब्बे में सफर कर अहमदाबाद पहुंचे।
जब जनरल डिब्बा बना मोदी का सहयात्री
घटना उस समय की है जब नरेंद्र मोदी सूरत में एक पार्टी कार्यकर्ता की शादी में शामिल होने पहुंचे थे। उसी रात उन्हें अचानक अहमदाबाद जाना पड़ा, क्योंकि एक जरूरी बैठक तय हो गई थी। चूंकि ट्रेन में आरक्षित सीट उपलब्ध नहीं थी, उन्होंने बिना झिझक जनरल टिकट लेने का सुझाव दिया और साधारण श्रेणी के डिब्बे में बैठकर 230 किलोमीटर की दूरी तय की।
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सीआर पाटिल ने किया खुलासा
गुजरात बीजेपी अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल ने इस घटना का जिक्र करते हुए एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा कि, “हमने कच्छ एक्सप्रेस में आरक्षित सीट दिलवाने की कोशिश की, लेकिन कोई सीट खाली नहीं थी। तब मोदीजी ने स्वयं सामान्य टिकट लेने का सुझाव दिया और रातभर जनरल डिब्बे में सफर कर अहमदाबाद पहुंचे।”
जब माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi सर भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री के रूप में सेवा दे रहे थे, तब वे सूरत में पार्टी के एक कार्यकर्ता के विवाह समारोह में शामिल हुए। कार्यक्रम समाप्त होने के तुरंत बाद उन्हें अगले दिन अहमदाबाद में होने वाली एक अत्यंत महत्वपूर्ण… pic.twitter.com/ikU4tsn32b
— C R Paatil (@CRPaatil) September 16, 2025
जनसेवा को सर्वोपरि रखने वाले नेता
यह घटना दर्शाती है कि नरेंद्र मोदी हमेशा राष्ट्र और कर्तव्य को प्राथमिकता देते आए हैं, चाहे सुविधा हो या न हो। यही नेतृत्व गुण उन्हें बाकी नेताओं से अलग बनाते हैं। यह सिर्फ एक सफर नहीं था, बल्कि कर्तव्यनिष्ठा और सरलता का प्रतीक था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम दर्ज हैं कई रिकॉर्ड
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बनने से पहले मोदी 2001 से 2014 तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे और सबसे लंबे कार्यकाल का रिकॉर्ड बनाया। वे अब तक चार बार मुख्यमंत्री और तीन बार प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ले चुके हैं, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।