प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इज़राइल के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे, जहां वे नेसेट को संबोधित करेंगे और दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंधों को मजबूत करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को इज़राइल की दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर तेल अवीव पहुंचे। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य भारत और इज़राइल के बीच मजबूत और बहुआयामी रणनीतिक साझेदारी को और अधिक गहरा करना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के निमंत्रण पर इस दौरे पर आए हैं। बेन गुरियन हवाई अड्डे पर उनका भव्य स्वागत किया गया, जिसमें नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा नेतन्याहू ने व्यक्तिगत रूप से प्रधानमंत्री का गार्ड ऑफ ऑनर देते हुए गर्मजोशी से स्वागत किया। इस मौके पर भारत में इज़राइल के राजदूत रूवेन अजार भी मौजूद रहे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह दौरा भारत-इज़राइल सहयोग को और गहरा करने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच हाल के वर्षों में साझेदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और इस यात्रा में विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाने पर चर्चा की जाएगी।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इज़राइली राष्ट्रपति इसहाक हर्ज़ोग से भी मुलाकात करेंगे और नेसेट (इज़रायल की संसद) को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बनेंगे। इस अवसर पर वे नेतन्याहू के साथ संक्षिप्त बैठक करेंगे और द्विपक्षीय सहयोग को नई दिशा देंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इज़राइल में रहने वाले भारतीय समुदाय के साथ बातचीत करने की अपनी उत्सुकता जताई और इस यात्रा को दोनों देशों के बीच स्थायी और मजबूत संबंधों को और आगे बढ़ाने का अवसर बताया। यरुशलम की सड़कों पर भी मोदी के स्वागत की तैयारियां जोर-शोर से की गईं, जहां भारतीय समुदाय ने विशेष सजावट और कार्यक्रम आयोजित किए।
इस दौरे को भारत और इज़राइल के बीच रणनीतिक, तकनीकी, रक्षा और आर्थिक क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने वाला एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।