राजस्थान सरकार ने मकर संक्रांति पर्व के अवसर पर पतंगबाजी के दौरान आमजन और पशु-पक्षियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चाइनीज मांझे और कांच/लोहे से लेपित घातक धागों के विक्रय, भंडारण और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।
पशुपालन एवं गोपालन मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने प्रदेशवासियों को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पर्व की खुशियाँ किसी भी बेजुबान जीव को चोट पहुँचाने का कारण नहीं बन सकतीं। उन्होंने आमजन से अपील की कि पतंग उड़ाने के लिए केवल सुरक्षित और पर्यावरण-हितैषी सूती धागों का ही उपयोग करें। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सुबह और शाम के समय, जब पक्षियों की आवाजाही अधिक होती है, पतंगबाजी से परहेज करना चाहिए।
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पशुपालन विभाग के शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने बताया कि एनजीटी के आदेशों के अनुरूप सभी जिला कलेक्टर और पुलिस अधिकारियों को इस प्रतिबंध का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, प्रत्येक जिले में विशेष पक्षी चिकित्सा और बचाव शिविर स्थापित करने और व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
विभाग ने आमजन से अनुरोध किया है कि पक्षियों की प्रमुख उड़ान समय सुबह 6 से 8 बजे और शाम 5 से 7 बजे के दौरान पतंगबाजी से परहेज किया जाए, ताकि मकर संक्रांति का पर्व सुरक्षित और आनंदमय हो।