Liver Problem: लिवर की कई बीमारियां गंभीर और जानलेवा हो सकती हैं। लिवर सिरोसिस जैसी स्थितियों में शरीर में कई तरह की समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। लेकिन केवल खराब जीवनशैली ही कारण नहीं है; कुछ अन्य बीमारियां भी लिवर की समस्याओं को बढ़ा सकती हैं। डॉक्टरों के अनुसार, सभी उम्र के लोगों को अपने लिवर की सुरक्षा के लिए जीवनशैली और खान-पान का ध्यान रखना चाहिए।
डायबिटीज और लिवर रोग का संबंध
यदि आप डायबिटीज के मरीज हैं, तो इसका प्रभाव लिवर पर भी पड़ सकता है। जैसे डायबिटीज किडनी को नुकसान पहुंचाती है, उसी तरह यह लिवर की कार्यक्षमता को भी प्रभावित कर सकती है। डायबिटीज के मरीजों में नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) और अन्य लिवर रोग विकसित होने का खतरा अधिक होता है। अध्ययन बताते हैं कि सिरोसिस के 90% से अधिक मरीजों में ग्लूकोज इंटॉलरेंस पाया जाता है। इसलिए डायबिटीज के मरीजों को अपने ब्लड शुगर स्तर को नियंत्रित रखना चाहिए।
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हाई ब्लड प्रेशर का लिवर पर असर
अकसर लोग हाई ब्लड प्रेशर को सिर्फ हृदय रोग से जोड़ते हैं, लेकिन यह लिवर के लिए भी खतरा पैदा कर सकता है। लिवर में खून की आपूर्ति पोर्टल वेन के जरिए होती है। सिरोसिस जैसी स्थिति में पोर्टल वेन पर दबाव बढ़ता है, जिससे पोर्टल हाइपरटेंशन जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए हाई ब्लड प्रेशर वाले मरीजों को इसे नियंत्रित रखना बेहद जरूरी है।
हाई कोलेस्ट्रॉल और लिवर की सेहत
हाई कोलेस्ट्रॉल न केवल हृदय के लिए बल्कि लिवर के लिए भी खतरनाक है। लिवर सामान्यतः शरीर के कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करता है, लेकिन अत्यधिक वसायुक्त आहार इसके संतुलन को बिगाड़ सकता है। उच्च कोलेस्ट्रॉल के कारण फैटी लिवर डिजीज का खतरा बढ़ जाता है और कभी-कभी यह घातक स्थिति में बदल सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल लिवर की जटिलताओं को बढ़ाने वाला एक प्रमुख कारण है।
विशेषज्ञ की सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जिन लोगों को डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या रहती है, उन्हें इसे नियंत्रित रखना चाहिए। इसके अलावा, समय-समय पर लिवर, किडनी और आंखों की जांच कराते रहना चाहिए। स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित आहार और नियमित व्यायाम के जरिए लिवर की बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।