Symptom of Tinnitus: कान में सीटी या घंटी बजना टिनिटस की प्रमुख symptom है। जानें इसके कारण, लक्षण, खतरे और प्रभावी इलाज के तरीके ताकि आप समय रहते इस समस्या से बच सकें।
Symptom of Tinnitus या टिनिटस एक ऐसी समस्या है जिसमें व्यक्ति के कान में सीटी या घंटी जैसी आवाजें सुनाई देने लगती हैं। यह स्थिति तब होती है जब कान की नसों या सुनने की क्षमता प्रभावित होती है। इसे हल्के में लेना सही नहीं क्योंकि टिनिटस धीरे-धीरे गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है।
टिनिटस के लक्षण और कारण
अगर आपके कान में अचानक सीटी या घंटी की आवाज सुनाई दे रही है, तो इसे नजरअंदाज करना बड़ी भूल हो सकती है। टिनिटस एक ऐसी बीमारी है जिसमें केवल प्रभावित व्यक्ति ही आवाज सुन पाता है। यह समस्या कान की नसों में गड़बड़ी, ब्लॉकेज, हियरिंग लॉस, कान का इन्फेक्शन, साइनस, हार्मोनल बदलाव, थायराइड या ब्रेन ट्यूमर जैसी गंभीर स्थितियों की वजह से हो सकती है। हार्ट डिजीज और सर्कुलेटरी इन्फेक्शन भी टिनिटस के कारण हो सकते हैं।
टिनिटस कब बन जाता है खतरनाक?
अगर टिनिटस की समस्या को समय रहते ठीक नहीं किया गया तो यह सुनने की क्षमता को पूरी तरह खत्म कर सकता है। गंभीर मामलों में यह फेशियल पैरालिसिस, मानसिक तनाव, अवसाद और सुसाइड जैसे खतरनाक परिणाम भी ला सकता है। टिनिटस का कोई निश्चित इलाज तो अभी तक नहीं है, लेकिन सही थेरेपी और दवाओं के माध्यम से इसे नियंत्रित किया जा सकता है।
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टिनिटस के इलाज और बचाव के तरीके
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साउंड बेस्ड थेरेपी: बाहर की आवाज़ बढ़ाकर कान की बजती आवाज को कम करती है।
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बिहेवियरल और कॉग्निटिव थेरेपी: तनाव, अवसाद और नींद की समस्या से जुड़े टिनिटस में मददगार।
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एंटी-एंग्जायटी और एंटी-डिप्रेशन दवाएं: मानसिक शांति के लिए।
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योग और मेडिटेशन: तनाव कम करने और राहत पाने के लिए।
रिसर्च क्या कहती है?
डेनमार्क यूनिवर्सिटी की रिसर्च के अनुसार, ट्रैफिक और नॉइज़ पॉल्यूशन टिनिटस का एक बड़ा कारण हैं। जिन लोगों का आवास व्यस्त सड़कों के पास होता है, उन्हें इस बीमारी का खतरा ज्यादा होता है। लगातार 70-80 डेसिबल से अधिक आवाज कानों को नुकसान पहुंचाती है। खासतौर पर कैब ड्राइवर, डिलीवरी बॉय और ऐसे लोग जो शोर वाले वातावरण में रहते हैं, वे टिनिटस के ज्यादा शिकार होते हैं।