केंद्रीय बजट 2027 से हरियाणा में विकास और रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बजट को ऐतिहासिक और समावेशी बताया, MSME, स्टार्टअप, डिजिटल कृषि और अवसंरचना में निवेश से राज्य को नई गति मिलेगी।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने संसद में वित्त मंत्री द्वारा पेश केंद्रीय बजट 2027 को ऐतिहासिक और दूरदर्शी बताया। उनका कहना है कि यह बजट भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को साकार करने के साथ-साथ हरियाणा के औद्योगिक, अवसंरचना, कृषि, स्वास्थ्य, खेल, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) और ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास को गति देगा।
मुख्यमंत्री सैनी ने तीन प्रमुख सिद्धांतों – गति, क्षमता और समावेशी विकास – पर जोर दिया। “गति” का उद्देश्य आर्थिक विकास और उत्पादकता बढ़ाना है, “क्षमता” लोगों के कौशल और दक्षता को बढ़ाना है, जबकि “समावेशी विकास” सुनिश्चित करता है कि संसाधन और अवसर हर परिवार और क्षेत्र तक पहुंचें। उन्होंने बजट को आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण में मील का पत्थर करार दिया।
वित्तीय वर्ष 2027 के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय और नगर-आर्थिक क्षेत्रों का विकास फरीदाबाद, गुरुग्राम और पानीपत जैसे औद्योगिक केंद्रों को नई दिशा देगा। MSME क्षेत्र के लिए 10,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
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बजट में खेलो इंडिया मिशन, 15 पुरातात्विक स्थलों का विकास, और डिजिटल कृषि मिशन जैसी पहल शामिल हैं, जो हरियाणा की सांस्कृतिक, कृषि और तकनीकी प्रगति को बढ़ावा देंगी। इसके अलावा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और क्वांटम मिशनों में निवेश से गुरुग्राम वैश्विक तकनीकी केंद्र के रूप में उभरेगा। स्टार्टअप्स के लिए प्रस्तावित फंड ऑफ फंड्स योजना से युवाओं को नए अवसर प्राप्त होंगे।
महिला सशक्तिकरण के लिए बजट में महिला कौशल विकास कार्यक्रम और “लखपति दीदी” योजना शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, कपड़ा पार्क, सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और टियर-2 एवं टियर-3 शहरों के विकास के लिए कुल 11.4 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। “एक जिला-एक उत्पाद” जैसी पहल स्थानीय उद्योगों को मजबूत करेगी।
मुख्यमंत्री सैनी ने यह भी कहा कि हरियाणा सरकार बजट के सभी प्रावधानों को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि हर नागरिक इसका प्रत्यक्ष लाभ उठा सके और राज्य के विकास को नई दिशा मिले।