अक्षय तृतीया 2026 के करीब आते ही सोने की कीमतों और निवेश को लेकर बाजार में हलचल बढ़ गई है। भारत में हर साल अक्षय तृतीया के अवसर पर सोना खरीदना शुभ माना जाता है और इस दौरान गहनों की बिक्री में भी बढ़ोतरी देखने को मिलती है।
सोने की कीमतों में तेज उछाल
पिछले एक साल में सोने की कीमतों में जोरदार तेजी दर्ज की गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीय बाजार में सोना लगभग 60 प्रतिशत तक महंगा हुआ है। वहीं, मौजूदा समय में इसकी कीमत करीब 10 ग्राम पर 1.50 लाख रुपये के आसपास बनी हुई है।
हाल ही में कीमतें अपने रिकॉर्ड स्तर 1.80 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम से नीचे आ गई हैं, जिससे यह लगभग 16 प्रतिशत की गिरावट दर्शाती है। यह गिरावट मुख्य रूप से मुनाफावसूली और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के कारण देखी गई है।
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लगातार नौवें साल मिला रिटर्न
जानकारों के मुताबिक, यह लगातार नौवां साल है जब सोने ने निवेशकों को सकारात्मक रिटर्न दिया है। पिछले साल अक्षय तृतीया के बाद से अब तक सोने ने लगभग 60 प्रतिशत का रिटर्न दिया है, जिससे निवेशकों को बड़ा फायदा हुआ है।
क्या अभी सोने में निवेश सही है?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है, लेकिन लंबी अवधि में इसका रुझान मजबूत रहने की संभावना है। सेंट्रल बैंकों की लगातार खरीदारी और वैश्विक तनाव जैसे कारण सोने को एक सुरक्षित निवेश विकल्प बनाए हुए हैं।
निवेश को लेकर सलाह
विशेषज्ञों का सुझाव है कि निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो का केवल 10 से 15 प्रतिशत हिस्सा ही सोने में रखना चाहिए। डिजिटल गोल्ड को भी एक बेहतर विकल्प माना जा रहा है क्योंकि इसमें शुद्धता और मेकिंग चार्ज की समस्या नहीं होती।
लंबी अवधि यानी 5 से 10 साल के निवेश के लिए सोना अभी भी एक अच्छा विकल्प माना जा रहा है, जबकि कम अवधि में निवेश जोखिम भरा हो सकता है।