आजकल की बदलती जीवनशैली और तनावपूर्ण दिनचर्या के कारण Ganjaapan की समस्या तेजी से बढ़ रही है। यह परेशानी पुरुषों और महिलाओं दोनों को प्रभावित करती है, लेकिन पुरुषों में इसके मामले अधिक सामने आते हैं। ऐसे में आइए समझते हैं कि इसके पीछे वैज्ञानिक कारण क्या हैं, पुरुष इससे ज्यादा क्यों प्रभावित होते हैं और समय रहते इससे कैसे बचाव किया जा सकता है।
आज की जीवनशैली के चलते Ganjaapan की समस्या तेजी से बढ़ रही है। हालांकि यह परेशानी पुरुषों और महिलाओं दोनों में पाई जाती है, लेकिन पुरुषों में इसके केस ज्यादा देखने को मिलते हैं। Ganjaapan केवल व्यक्ति की बाहरी छवि को नहीं, बल्कि मानसिक स्थिति को भी प्रभावित करता है। कई बार इससे आत्मविश्वास में कमी और चिंता जैसी समस्याएं भी उभरती हैं। चलिए जानते हैं Ganjaapan के कारण, पुरुषों में यह अधिक क्यों होता है और इससे कैसे बचा जा सकता है।
Ganjaapan की सबसे बड़ी वजह बालों की जड़ों का कमजोर होना और धीरे-धीरे बालों का झड़ना है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिनमें आनुवांशिकता भी एक प्रमुख कारण है। शरीर में डायहाइड्रोटेस्टोस्टेरोन (DHT) नामक हार्मोन बालों की जड़ों को सिकोड़ देता है, जिससे बाल पतले होकर झड़ने लगते हैं। अत्यधिक तनाव भी बाल झड़ने का अहम कारण है, क्योंकि यह शरीर में हार्मोनल असंतुलन पैदा करता है, जिससे हेयर ग्रोथ साइकिल प्रभावित होती है। इसके अलावा विटामिन B, D, आयरन, जिंक और प्रोटीन की कमी से भी बाल कमजोर होकर टूटने लगते हैं। हेयर जेल, हेयर कलर, स्ट्रेटनिंग और रिबॉन्डिंग जैसे केमिकल प्रोडक्ट्स से भी बालों को नुकसान पहुंचता है। वहीं थायरॉइड, डायबिटीज, कैंसर जैसी बीमारियां या कुछ दवाइयों के साइड इफेक्ट के कारण भी बाल झड़ सकते हैं।
पुरुषों में गंजेपन की समस्या अधिक क्यों होती है, पुरुषों के शरीर में टेस्टोस्टेरोन से बनने वाला DHT हार्मोन बालों की जड़ों पर तेजी से असर डालता है, जिससे बाल जल्दी झड़ने लगते हैं। जबकि महिलाओं में यह हार्मोन कम मात्रा में पाया जाता है, इसलिए उनके बाल इतने तेजी से नहीं झड़ते। इसके अलावा पुरुषों में गंजापन आमतौर पर माथे से शुरू होकर सिर के बीच हिस्से तक फैलता है, जबकि महिलाओं में बाल पूरे सिर से झड़ते हैं, जिससे उनका Ganjaapan तुरंत साफ नजर नहीं आता।
महिलाओं में एस्ट्रोजन हार्मोन बालों को मजबूत बनाए रखने में मदद करता है, जबकि पुरुषों में DHT हार्मोन ज्यादा सक्रिय रहता है, जो बालों की जड़ों को नुकसान पहुंचाता है। इसके अलावा एंड्रोजेनेटिक एलोपेसिया गंजेपन का एक आम प्रकार है, जो हॉर्मोनल बदलावों और आनुवंशिक कारणों से होता है। यह पुरुषों में अक्सर 20 की उम्र के बाद नजर आने लगता है, जबकि महिलाओं में आमतौर पर यह समस्या 40 की उम्र के बाद दिखाई देती है।
गंजेपन से बचाव के तरीके:
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आहार में प्रोटीन, आयरन, ओमेगा-3 फैटी एसिड, विटामिन B12 और D को शामिल करें।
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तनाव को कम करने के लिए मेडिटेशन, योग और पर्याप्त नींद लें।
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हेयर डाई, जेल और स्प्रे जैसे केमिकल उत्पादों का इस्तेमाल कम करें।
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अगर बाल तेजी से झड़ रहे हों तो त्वचा रोग विशेषज्ञ से सलाह लें।
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गंजापन तेजी से बढ़ रहा हो तो ब्लड टेस्ट करवा कर हार्मोन का स्तर जांचें।