पंजाब सरकार ने ओटीएस योजना 2025 की समय सीमा 31 मार्च 2026 तक बढ़ाई, 4365 आवेदन मंजूर, व्यापारियों और उद्योगपतियों को बड़ी राहत।
मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने ‘पंजाब एकमुश्त निपटान (OTS) योजना, 2025’ की समय सीमा 31 मार्च, 2026 तक बढ़ा दी है। इस निर्णय से राज्य में व्यापार-हितैषी और उद्योग-अनुकूल प्रशासनिक माहौल को और मजबूती मिली है।
वित्त, योजना, उत्पाद शुल्क और कराधान मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि इस विस्तार से वास्तविक करदाता बिना किसी प्रशासनिक या समय संबंधी बाधा के अपने लंबित कर और जुर्माने का निपटान कर सकेंगे। उन्होंने कहा, “यह कदम इस बात को सुनिश्चित करता है कि कोई भी योग्य करदाता योजना का लाभ न चूक जाए। यह व्यापारियों और उद्योगपतियों के लिए एक सुनहरा अवसर है।”
ओटीएस आवेदन और मंजूरी
1 अक्टूबर 2025 को शुरू हुई ओटीएस-2025 योजना के तहत अब तक 6,348 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 4,365 आवेदन मंजूर किए गए हैं। इन आवेदनों में कर, ब्याज और जुर्माने सहित कुल ₹311.07 करोड़ शामिल हैं। इस राशि में से ₹65.81 करोड़ वसूली की गई है, जबकि ₹245.26 करोड़ माफ किए गए हैं।
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यह योजना करदाताओं को 100% तक ब्याज और जुर्माने में छूट और मूल कर राशि पर महत्वपूर्ण छूट प्रदान करती है। इसके माध्यम से जीएसटी से पहले के कानूनों जैसे वैट और केंद्रीय बिक्री कर (CST) से जुड़े लंबे समय से लंबित विवाद भी बिना तनाव के निपटाए जा सकते हैं।
मंत्री चीमा ने कहा
“31 मार्च, 2026 तक बढ़ी हुई समय सीमा सभी वास्तविक करदाताओं को प्रशासनिक बाधाओं के बिना अपने लंबित कर निपटान का अवसर देती है। हमारी सरकार हमेशा व्यापार-अनुकूल माहौल बनाने के लिए प्रतिबद्ध रही है। योजना के बाद कोई भी योग्य करदाता पीछे न रह जाए।”
मंत्री ने सभी पात्र व्यापारियों और चावल मिल मालिकों से अपील की कि वे इस अंतिम अवसर का लाभ उठाकर नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत ताजा शुरुआत के साथ करें। उन्होंने चेतावनी दी, “31 मार्च, 2026 के बाद, जिन डिफ़ॉल्टरों ने योजना का लाभ नहीं लिया, उनके खिलाफ कड़ी वसूली कार्रवाई की जाएगी।”