हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार महान संतों और आध्यात्मिक नेताओं की शिक्षाओं को युवा पीढ़ी तक पहुंचाकर सामाजिक एकता और सद्भाव को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि संतों की चिरस्थायी शिक्षाएं आज भी समाज के लिए मार्गदर्शक हैं और मानवता के मूल्यों को उजागर करती हैं।
इस पहल के तहत, राज्य सरकार ने संतों की जयंती समारोहों को संस्थागत रूप दिया है, ताकि समाज में समानता, एकता और सामंजस्य का संदेश व्यापक रूप से फैल सके। इसी कड़ी में, संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की जयंती के उपलक्ष्य में 31 जनवरी को कुरुक्षेत्र के उमरी में राज्य स्तरीय भव्य समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस समारोह की अध्यक्षता विकास, पंचायत, खान एवं भूविज्ञान मंत्री कृष्ण लाल पंवार करेंगे।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी जी ने चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री निवास, संत कबीर कुटीर पर प्रदेश भर से टीम हरियाणा के मंत्री कृष्ण लाल पंवार जी के नेतृत्व में पधारे भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा के साथियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया।
संत महापुरुषों की जयंती मनाये जाने की… pic.twitter.com/pyMahxoRBu
— Haryana BJP (@BJP4Haryana) January 16, 2026
मुख्यमंत्री सैनी ने शुक्रवार को अपने आवास, संत कबीर कुटीर में मंत्रिमंडल मंत्री कृष्ण लाल पंवार और सामाजिक न्याय, अधिकारिता, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा कल्याण एवं अंत्योदय मंत्री कृष्ण बेदी के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान इस बात पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस जयंती समारोह को श्रद्धा, सम्मान और भव्यता के साथ मनाना सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित अधिकारियों और हितधारकों से ऐतिहासिक और यादगार आयोजन सुनिश्चित करने के लिए सहयोग और सक्रिय भागीदारी की अपील की।
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पंचकुला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल, कैथल, पानीपत, सोनीपत, रोहतक, हिसार, जिंद, हांसी, झज्जर और फतेहाबाद सहित कुल 14 जिलों के श्रद्धालु ब्लॉक स्तर पर समारोह में भाग लेंगे। शेष नौ जिलों के श्रद्धालु जिला स्तर पर बड़े पैमाने पर शामिल होंगे।
मंत्री पंवार ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा, यातायात प्रबंधन, स्वच्छता, पेयजल और सुरक्षा संबंधी सभी व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की जा चुकी हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार, निमंत्रण पत्र वितरण और श्रद्धालुओं को जुटाने के लिए प्रत्येक जिले में विशेष समितियां गठित की जाएंगी, ताकि समारोह का संचालन सुव्यवस्थित और गरिमामय ढंग से किया जा सके।
हरियाणा सरकार का यह प्रयास संतों की शिक्षाओं के महत्व को उजागर करते हुए समाज में एकता, समानता और सद्भाव का सशक्त संदेश देगा।