यूपी: गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संस्थापक सप्ताह समारोह-2025 में कहा, ‘संस्कृति समाप्त हो जाए तो राष्ट्र पहचान खो देता है।’ उन्होंने शिक्षा, संस्कृति और राष्ट्रभक्ति पर जोर दिया।
यूपी: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संस्थापक सप्ताह समारोह-2025 के शुभारंभ अवसर पर कहा कि राष्ट्र की पहचान उसकी संस्कृति, परंपराएं और महापुरुषों से जुड़ी होती है। उन्होंने भावी भारत के निर्माण में सभी की जिम्मेदारियों को समझने और उसे निभाने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में बताया कि संकट और चुनौतियों के समय महापुरुषों के शौर्य और पराक्रम नई ऊर्जा देते हैं। उन्होंने महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी, गुरु गोविंद सिंह, रानी लक्ष्मीबाई और देश के बहादुर जवानों को राष्ट्र की प्रेरणा बताया।
राष्ट्र और सांस्कृतिक मूल्यों पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि राष्ट्र की संस्कृति समाप्त हो जाए, तो उसकी एकात्मता और पहचान खो जाती है। संस्कृति, राष्ट्रीय मूल्यों और युगांतकारी घटनाओं का परिणाम होती है, जिसे भारतीय जनता विभिन्न पर्वों के माध्यम से आत्मसात करती है। इन पर्वों के माध्यम से मतभेदों को समाप्त कर ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना को प्रदर्शित किया जाता है।
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शिक्षा परिषद और विकास के लक्ष्य
सीएम योगी ने कहा कि महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद अगले छह वर्षों में शताब्दी महोत्सव के कार्यक्रमों के साथ बढ़ रही है। परिषद के संस्थापकों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और तकनीक के क्षेत्र में राष्ट्रीय सेवा की दिशा में अनेक प्रयास किए हैं। इसमें महाराणा प्रताप इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, पॉलीटेक्निक, महायोगी गोरखनाथ कृषि विज्ञान केंद्र जैसे संस्थान शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने सभी शिक्षण संस्थाओं के छात्रों को गांव को शत-प्रतिशत साक्षर बनाने के लक्ष्य पर काम करने की प्रेरणा दी और इसे मॉडल स्टडी के रूप में प्रस्तुत करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थाओं द्वारा समाज और राष्ट्र के प्रति की गई सेवाएं राष्ट्र निर्माण में योगदान देती हैं।
समारोह में उपस्थित dignitaries
कार्यक्रम में महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, जिला पंचायत अध्यक्ष साधना सिंह, कुलपति प्रो. पूनम टंडन, प्रो. जेपी सैनी, प्रो. रविशंकर सिंह, डॉ. सुरेंद्र सिंह, विधायक फतेह बहादुर सिंह, विपिन सिंह, महेंद्र पाल सिंह, इंजीनियर सरवन निषाद, प्रदीप शुक्ला, विधान परिषद सदस्य डॉ. धर्मेंद्र सिंह, रतनपाल सिंह और पूर्व महापौर अंजू चौधरी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह संदेश स्पष्ट करता है कि संस्कृति, शिक्षा और राष्ट्रभक्ति का संयोजन ही देश को मजबूत और एकीकृत बनाता है।