सरकार अब ई-कॉमर्स साइट्स पर ‘मेड इन इंडिया‘ प्रोडक्ट्स के लिए “Country of Origin” फिल्टर अनिवार्य करने जा रही है। इस बदलाव से उपभोक्ताओं को पारदर्शी खरीदारी और भारतीय उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा।
ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले ग्राहकों के लिए एक अच्छी खबर आई है। भारतीय उपभोक्ता मंत्रालय ने एक नया नियम प्रस्तावित किया है, जिसके तहत अब सभी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर “Country of Origin” (मूल देश) का फिल्टर मिलेगा। इसके माध्यम से ग्राहक आसानी से यह जान सकेंगे कि किसी प्रोडक्ट का निर्माण भारत में हुआ है या विदेश में। खासतौर पर, ‘मेड इन इंडिया’ प्रोडक्ट्स को ढूंढना अब और भी आसान हो जाएगा।
ई-कॉमर्स साइट्स पर मिलेगी ‘Country of Origin’ की जानकारी
सरकार की यह पहल उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ा बदलाव साबित हो सकती है। उपभोक्ता मंत्रालय के अनुसार, इस नए नियम के तहत सभी ई-कॉमर्स कंपनियों को अपने उत्पादों पर “Country of Origin” का स्पष्ट उल्लेख करने के लिए एक अलग फिल्टर लागू करना होगा। यह उपभोक्ताओं को भारतीय और विदेशी उत्पादों के बीच चयन करने में मदद करेगा और भारत में बने उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा।
‘मेड इन इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ को मिलेगा बढ़ावा
यह कदम भारतीय निर्माताओं को अपने उत्पादों को वैश्विक स्तर पर बेहतर तरीके से प्रदर्शित करने का अवसर देगा। इसके माध्यम से उपभोक्ता ‘मेड इन इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ जैसी सरकारी पहलों को प्रोत्साहित कर सकेंगे। मंत्रालय का मानना है कि यह बदलाव न केवल उपभोक्ताओं के लिए अधिक पारदर्शिता लाएगा, बल्कि भारतीय उत्पादों को वैश्विक बाजार में समान अवसर भी प्रदान करेगा।
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कब तक भेज सकते हैं सुझाव?
उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने इस ड्राफ्ट को सार्वजनिक परामर्श के लिए जारी किया है और 22 नवंबर 2025 तक सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। इस बदलाव के बाद, प्रत्येक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म को उपभोक्ताओं के लिए “Country of Origin” के आधार पर सर्च और सॉर्ट करने का विकल्प देना अनिवार्य होगा। इससे ग्राहकों को आसानी से यह समझने में मदद मिलेगी कि कौन सा उत्पाद उनके देश में बना है और कौन सा विदेश में।
क्या होंगे इसके फायदे?
इस पहल के कई फायदे हो सकते हैं। इससे उपभोक्ताओं को पारदर्शी खरीदारी का अनुभव मिलेगा और वे अधिक सूझबूझ से खरीदारी कर सकेंगे। इसके अलावा, यह कदम भारतीय निर्माताओं को उनके उत्पादों के लिए अधिक दृश्यता प्रदान करेगा और उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने का अवसर मिलेगा।
इसके साथ ही, सरकार को उत्पाद जानकारी की निगरानी और सत्यापन करने में भी मदद मिलेगी, जिससे ई-कॉमर्स सेक्टर में पारदर्शिता और जागरूकता बढ़ेगी।
नया नियम: उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ा कदम
यह कदम उपभोक्ताओं के सशक्तीकरण के साथ-साथ भारतीय उत्पादों को वैश्विक बाजार में बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण अवसर है। ई-कॉमर्स क्षेत्र में यह बदलाव पारदर्शिता और जानकारीपूर्ण खरीदारी की दिशा में एक बड़ा कदम हो सकता है।