Delhi News : दिल्ली विधानसभा देश की पहली ऐसी विधानसभा बनने जा रही है, जो पूरी तरह सौर ऊर्जा पर संचालित होगी। सोलर पावर प्रोजेक्ट को स्थापित करने के लिए 60 दिन की समय सीमा तय की गई है। ऐसे में उम्मीद है कि विधानसभा का अगला मानसून सत्र पूरी तरह सौर ऊर्जा से चलेगा।
दिल्ली विधानसभा में अब पूरी तरह सौर ऊर्जा पर आधारित प्रणाली लागू की जाएगी। यह प्रयास देश की पहली ऐसी विधानसभा बनाने की ओर है, जो पूरी तरह सोलर एनर्जी से संचालित होगी। इस परियोजना के तहत सौर ऊर्जा सिस्टम को 60 दिनों में स्थापित करने का लक्ष्य तय किया गया है। यह कदम ऊर्जा बचत और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अहम पहल मानी जा रही है।
दिल्ली विधानसभा में नई सौर प्रणाली की स्थापना से पहले मौजूदा सोलर यूनिट्स को हटाया जाएगा। छतों पर पैनल लगाने के लिए ड्रोन के जरिए सर्वे किया गया है, ताकि सबसे उपयुक्त स्थानों का चयन किया जा सके। इस नई प्रणाली के शुरू होने से हर महीने लगभग 15 लाख रुपये की बिजली की बचत होने की संभावना है, जिससे सरकार को आर्थिक रूप से फायदा होगा।
यह प्रणाली विधानसभा की आवश्यकताओं से 10 प्रतिशत अधिक बिजली उत्पन्न करेगी, जिसका उपयोग अन्य कार्यों में भी किया जा सकेगा। इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ पर्यावरण को होगा—सौर ऊर्जा के प्रयोग से न केवल प्रदूषण में कमी आएगी, बल्कि कार्बन उत्सर्जन भी घटेगा, जो कि प्रदूषण से जूझ रही दिल्ली के लिए एक सकारात्मक कदम है।