पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पूर्व मुख्यमंत्री चन्नी के आरोपों को खारिज किया और कहा कि उन्हें गैंगस्टरों से नहीं, अकालियों से धमकियां मिल रही हैं। जानें पूरे मामले की जानकारी।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी द्वारा लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद और निराधार करार दिया। मान ने कहा कि चन्नी को गैंगस्टरों से नहीं, बल्कि अकाली दल से धमकियां मिल रही हैं, क्योंकि अकाली दल अब गैंगस्टरों के साथ है और उन्हें टिकट भी दे रहा है।
संगरूर में मतदान के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, “चरणजीत सिंह चन्नी का बयान कि उनके नेताओं की गाड़ियों को घेरा जा रहा है और उन्हें गैंगस्टरों से धमकियां मिल रही हैं, यह पूरी तरह से झूठा है। यह आरोप राजनीति की चाल के अलावा कुछ नहीं है।”
उन्होंने यह भी कहा कि चन्नी ने चुनाव से पहले ही हार मान ली है और अब वह प्रशासन के गलत इस्तेमाल का आरोप लगा रहे हैं। “चन्नी यह भी कह रहे हैं कि हर बूथ पर 100-100 बैलेट पेपर भेजे जा रहे हैं। उनका यह बयान गैर-जिम्मेदाराना है और वास्तविकता से दूर है,” भगवंत मान ने जोर देकर कहा।
also read: पंजाब: भाजपा सरकार सिख भावनाओं का करे सम्मान: AAP सांसद…
मुख्यमंत्री मान ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर किसी ने गैंगस्टरों को संरक्षण दिया है या उनसे धमकियां ली हैं, तो प्रशासन जरूर कार्रवाई करेगा। उन्होंने कहा कि वह इस मामले में पंजाब के डीजीपी और चुनाव आयोग से रिपोर्ट ले रहे हैं।
भगवंत मान ने कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल के उम्मीदवारों की स्वतंत्रता को भी मुद्दा बनाया। उन्होंने बताया कि पंजाब में कांग्रेस की ब्लॉक कमेटियों से 2400 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं और अकाली दल से करीब 2000 उम्मीदवार मैदान में हैं। “अगर प्रशासन ने इन पर कोई दबाव डाला होता, तो वे स्वतंत्र रूप से चुनाव नहीं लड़ पाते,” मान ने कहा।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि वे अपनी हार स्वीकार कर चुके हैं और अब चुनावी परिणाम से बचने के लिए ऐसे आरोप लगा रहे हैं। भगवंत मान ने कहा कि चुनाव में निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन पूरी तरह से सख्त है।