कुलतार सिंह संधवान ने अमेरिका-भारत व्यापार समझौते को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया है। पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि यह समझौता भारतीय किसानों के हितों के खिलाफ है और इससे कृषि क्षेत्र को गंभीर नुकसान हो सकता है।
“किसानों के साथ विश्वासघात” का आरोप
कुलतार सिंह संधवान ने कहा कि प्रस्तावित व्यापार व्यवस्था से छोटे और सीमांत किसानों पर सबसे अधिक असर पड़ेगा। उनके अनुसार, यदि कृषि बाज़ारों को विदेशी कंपनियों के लिए खोला जाता है और घरेलू किसानों को पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिलती, तो यह कदम उनके लिए आर्थिक संकट खड़ा कर सकता है। उन्होंने इसे किसानों के साथ “विश्वासघात” करार दिया।
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समर्थन तंत्र मजबूत किए बिना बाज़ार खोलना जोखिम भरा
उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP), सब्सिडी, मजबूत बुनियादी ढांचा और फसल जोखिम सुरक्षा जैसे उपायों को पहले सुदृढ़ करना आवश्यक है। संधवान का मानना है कि इन बुनियादी सुरक्षा उपायों के अभाव में अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा भारतीय कृषि को कमजोर कर सकती है।
केंद्र सरकार पर पारदर्शिता की कमी का आरोप
कुलतार सिंह संधवान ने केंद्र की भाजपा सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि किसानों को समझौते के वास्तविक प्रभावों के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है। उन्होंने मांग की कि यदि यह समझौता सचमुच किसानों के हित में है, तो सरकार को इसे सार्वजनिक बहस, संसदीय चर्चा और व्यापक परामर्श के जरिए स्पष्ट करना चाहिए।
संभावित विरोध प्रदर्शन की चेतावनी
उन्होंने संकेत दिया कि किसान संगठनों की ओर से प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन सरकार के लिए चेतावनी है। संधवान ने दोहराया कि उनकी सरकार किसानों के साथ खड़ी है और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगी।